दहेज की बलि चढ़ी बेटी, पति, सास और दो ननदों को पुलिस ने घर से दबोचा
चंदौली : दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई ने एक और बेटी की जान ले ली। बलुआ थाना क्षेत्र के चकई पलिया गांव में विवाहिता काजल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मायके पक्ष ने पति और ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पति, सास और दो ननदें शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों को उनके घर से दबिश देकर हिरासत में लिया और आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत महिलाओं से जुड़े अपराधों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई है।
ऐसे सामने आया मामला
ग्राम सिंगहा निवासी संजय राम ने बलुआ थाने में तहरीर दी थी कि उनकी पुत्री काजल की शादी गोविन्द राम उर्फ अखिलेश कुमार उर्फ राजा से हुई थी। शादी के बाद से ही पति गोविन्द और उसके घरवाले दहेज की लगातार मांग कर रहे थे। तहरीर के अनुसार, काजल को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का आरोप है कि 3 अगस्त की आधी रात लगभग 12 बजे ससुराल वालों ने साजिशन उसकी हत्या कर दी।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चंदौली आदित्य लांग्हे ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर और क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी के निर्देशन में थानाध्यक्ष बलुआ अतुल कुमार के नेतृत्व में दबिश देकर चारों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस ने आरोपी गोविन्द राम उर्फ अखिलेश कुमार उर्फ राजा पुत्र स्व. सूर्यभान (32 वर्ष), शशिकला पत्नी स्व. सूर्यभान (55 वर्ष), रुबी कुमारी पुत्री स्व. सूर्यभान (21 वर्ष), अर्चना कुमारी पुत्री स्व. सूर्यभान (18 वर्ष) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी चकई पलिया गांव, थाना बलुआ, जनपद चंदौली के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अतुल कुमार, उपनिरीक्षक जगदीश प्रसाद, हेड कांस्टेबल विजय कुमार यादव, महिला हेड कांस्टेबल चिंता देवी, महिला कांस्टेबल खुशबू रानी, महिला कांस्टेबल शालिनी चौधरी शामिल रहे।
निष्कर्ष
बलुआ थाना क्षेत्र में हुई विवाहिता काजल की दहेज हत्या ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की काली सच्चाई को सामने ला दिया है। पति समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि पुलिस मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला अपराधों को लेकर गंभीर और सख्त है। लेकिन इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियाँ उजाड़ी हैं बल्कि पूरे गांव को हिला दिया है। यह मामला समाज के लिए एक संदेश है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी बेटियों की जान ले रही है और जब तक लोग खुद इसके खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक बेटियों का जीवन असुरक्षित ही रहेगा।


















