सैन्य सम्मान के साथ जवान को दी गई अंतिम विदाई, आंखें हुईं नम
चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के सोनबरसा टांडा कला गांव निवासी मनीष कुमार सिंह पुत्र शमशेर सिंह वर्ष 2004 में जाट रेजिमेंट में क्लर्क के पद पर तैनात थे. जिनकी मृत्य बीते शुक्रवार की देर रात नई दिल्ली स्थित आर एन्ड आर्मी हॉस्पिटल में ईलाज के दौरान हो गई. वही सूचना पाकर परिजनों में कोहराम मच गया. राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में लिपटा सैन्य कर्मी का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से रविवार को उनके पैतृक निवास पर पहुंचा. जहां सैन्य कर्मी के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. वही लोगों ने शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई.

निवासी शमशेर सिंह के दो पुत्रों में बड़े पुत्र मनीष कुमार सिंह वर्ष 2004 में जाट रेजीमेंट में क्लर्क के पद पर चयनित होकर मां भारती की सेवा कर रहे थे. बीते गुरुवार को अचानक पेट में दर्द की शिकायत पर उन्हें नई दिल्ली स्थित सेना के अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया. जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई. वहीं मौत की सूचना पाकर परिजनों में कोहराम मच गया. नई दिल्ली स्थित सेना के हेड क्वार्टर में विभागीय कार्यवाही के बाद रविवार की सुबह सैनिक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां पार्थिव शरीर के साथ आए सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दिया. टांडा कला स्थित गंगा घाट पर दाह संस्कार हुआ. जहां उनके इकलौते पुत्र साजन सिंह ने मुखाग्नि दिया. इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों की भारी भीड़ बार-बार भारत माता की जय वंदे मातरम मनीष सिंह अमर रहे के जय को कर रहे थे.


















