पानी के लिए सड़क पर उतरे किसान, पचवनियाँ पुल पर धरना, चक्का जाम की चेतावनी के बीच तहसीलदार के आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन

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पानी के लिए सड़क पर उतरे किसान, पचवनियाँ पुल पर धरना, चक्का जाम की चेतावनी के बीच तहसीलदार के आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन

चंदौली : सिंचाई के लिए नहरों में पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों का आक्रोश बुधवार को पचवनियाँ पुल पर फूट पड़ा। किसान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठ गए और खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

धरने की सूचना मिलते ही तहसीलदार देवेंद्र सिंह यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभाग से समन्वय कर जल्द समाधान का भरोसा दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया, लेकिन जल्द कार्रवाई न होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी दी।

धरने को संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि मऊ, पचवनियाँ, मंशापुर, केराडीह, वीरपुर ठेकहा और बड़गौवा क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि सिंचाई के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच गई है। धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन नहरों में पानी नहीं होने से किसान भारी संकट का सामना कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि निर्माणाधीन पचवनियाँ छलका की ऊंचाई बढ़ाई जाए, ताकि अधिक मात्रा में पानी का संचयन हो सके। साथ ही मुख्य नहर एवं उससे जुड़ी माइनरों की तत्काल मरम्मत कर उनमें पानी छोड़ा जाए, जिससे खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सके।

किसान नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर चक्का जाम सहित व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। किसानों ने कहा कि समय पर सिंचाई नहीं मिलने से फसल उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।