₹25 हजार का इनामी गो-तस्कर गिरफ्तार, 59 लाख के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा, सैयदराजा पुलिस व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई, अवैध तमंचा, कारतूस और पिकअप वाहन बरामद
चन्दौली : जनपद पुलिस को अंतरराज्यीय गो-तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सैयदराजा पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में ₹25 हजार के इनामी एवं वांछित अभियुक्त गुलाम मोहम्मद उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस तथा एक पिकअप वाहन बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र एवं सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम को इलेक्ट्रॉनिक एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त जेठमलपुर क्षेत्र से गुजरने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक तेज गति से निर्माणाधीन भारतमाला एक्सप्रेसवे की ओर भागने लगा। कर्मनाशा पुल के समीप की गई घेराबंदी में पुलिस ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान गुलाम मोहम्मद उर्फ सोनू पुत्र अल्ताफ खान, निवासी ग्राम भटानी, थाना चाँद, जिला कैमूर (भभुआ), बिहार के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस तथा पिकअप वाहन बरामद हुआ। इस बरामदगी के आधार पर उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
31 सदस्यीय गिरोह और 187 करोड़ के लेन-देन की जांच
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में दर्ज गो-तस्करी के मुकदमे की विवेचना के दौरान यह सामने आया कि 31 लोगों का एक संगठित गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर गो-तस्करी में सक्रिय है। जांच में गिरोह के सदस्यों के बीच करीब 187 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं।
विवेचना में गिरफ्तार अभियुक्त की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक उसने अपनी मां के बैंक खाते के माध्यम से लगभग 59.82 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया, जो गो-तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचाया गया। बैंक खातों के विश्लेषण से यह भी संकेत मिले कि वह गिरोह को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा था।
पूछताछ में कई अहम खुलासे
पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह पहले अन्य वाहन मालिकों के लिए गाड़ी चलाता था, बाद में गो-तस्करी से जुड़े लोगों के संपर्क में आकर इस अवैध कारोबार में शामिल हो गया। उसने बताया कि पुलिस कार्रवाई तेज होने पर वह अलग-अलग लोगों के वाहनों का उपयोग कर गो-तस्करी करता रहा। उसने यह भी स्वीकार किया कि बैंक खाते की निगरानी शुरू होने के बाद उसने नकद लेन-देन शुरू कर दिया था। बरामद अवैध असलहा उसने अपनी सुरक्षा के लिए रखने की बात कही।
छह मुकदमों में दर्ज है नाम
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध चन्दौली और मिर्जापुर जनपदों में गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट तथा आर्म्स एक्ट सहित कुल छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह दो मामलों में वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था।
पुलिस का कहना है कि संगठित गो-तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच अभी जारी है तथा अन्य आरोपितों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।


















