सिल्वर बेल्स के मेधावी छात्र आर्यन विश्वकर्मा ने बढ़ाया जिले का गौरव, आईआईटी रुड़की में चयन

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सिल्वर बेल्स के मेधावी छात्र आर्यन विश्वकर्मा ने बढ़ाया जिले का गौरव, आईआईटी रुड़की में चयन

चंदौली : कड़ी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के बल पर सफलता की नई इबारत लिखने वाले छात्र न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र का नाम रोशन करते हैं। चकिया स्थित प्रतिष्ठित सिल्वर बेल्स स्कूल के पूर्व छात्र आर्यन विश्वकर्मा ने इसी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में शामिल आईआईटी रुड़की में प्रवेश प्राप्त कर विद्यालय और जनपद चंदौली का गौरव बढ़ाया है। आर्यन की इस उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

जानकारी के अनुसार आर्यन विश्वकर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) तक की पूरी पढ़ाई सिल्वर बेल्स स्कूल से ही पूरी की। विद्यालय में अध्ययन के दौरान वह शुरू से ही मेधावी, अनुशासित और मेहनती छात्र रहे। उन्होंने नियमित अध्ययन, दृढ़ संकल्प और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बल पर यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।

अपनी उपलब्धि पर आर्यन ने कहा कि इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उनके माता-पिता के अटूट विश्वास, निरंतर सहयोग और विद्यालय के शिक्षकों द्वारा प्रदान की गई मजबूत शैक्षणिक नींव को जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के प्रोत्साहन ने हर कठिन चुनौती को पार करने का आत्मविश्वास दिया।

आर्यन के आईआईटी रुड़की में चयन की सूचना मिलते ही सिल्वर बेल्स स्कूल में उत्सव जैसा माहौल बन गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य, प्रबंधन समिति तथा शिक्षकों ने छात्र और उसके परिजनों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना और उन्हें जीवन की बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आर्यन की सफलता विद्यालय के शिक्षकों की मेहनत, छात्र की लगन और अभिभावकों के सहयोग का उत्कृष्ट परिणाम है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

वहीं आर्यन के अभिभावकों ने विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सिल्वर बेल्स स्कूल ने उनके पुत्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण प्रदान किया, जिसके कारण वह अपने लक्ष्य तक पहुंच सका। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन इस सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी रहा।

आर्यन की इस उपलब्धि से विद्यालय के वर्तमान छात्रों में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है। छात्र-छात्राओं ने इसे अपनी प्रेरणा बताते हुए भविष्य में इसी तरह की उपलब्धियां हासिल करने का संकल्प व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी सिल्वर बेल्स स्कूल के छात्र शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।