चंदौली में मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ, महिला सुरक्षा व स्वावलंबन को नई दिशा
चंदौली : महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी मिशन शक्ति अभियान का नया चरण शनिवार को जिले में शुरू हुआ। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया, डीआईजी वैभव कृष्ण ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ किया। मिशन शक्ति 5.0 के शुभारंभ के साथ ही चंदौली जिले में महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर नए अध्याय की शुरुआत हो गई है।
इस अवसर पर एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया ने कहा कि 5.0 के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के 1663 थानों में महिला सुरक्षा केंद्रों की स्थापना की गई है। पुलिस न सिर्फ थाने स्तर पर बल्कि गांव-गांव जाकर महिलाओं व बच्चियों को जागरूक करेगी, ताकि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या शोषण का डटकर मुकाबला कर सकें।
चंचल कुमारी बनी रोल मॉडल
कार्यक्रम के दौरान जिले की पिछड़े क्षेत्र की कक्षा 11वीं की छात्रा चंचल कुमारी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। चंचल ने कक्षा 8वीं में पढ़ाई के दौरान अपने ही परिवार और समाज के दबाव में होने वाले बाल विवाह का डटकर विरोध किया और आज पीड़ित व वंचित नाबालिग लड़कियों एवं महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। महिला उत्थान के लिए उनका निरंतर संघर्ष और प्रयास उन्हें जिले की रोल मॉडल बनाता है।
एडीजी पीयूष मोर्डिया का संदेश
एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया ने कहा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जो भी कदम जरूरी होंगे, पुलिस तत्परता से उठाएगी। सिर्फ शहर ही नहीं, गांव-गांव जाकर भी पुलिस महिलाओं को सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए जागरूक करेगी।
कार्यक्रम में रही बड़ी मौजूदगी
मंच पर सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर विधायक रमेश जायसवाल, जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे, सीडीओ आर. जगत साई, एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर, बीएसए सचिन कुमार, सीएमओ युगल किशोर राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
निष्कर्ष
चंदौली में मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा। बाल विवाह का विरोध कर मिसाल पेश करने वाली चंचल कुमारी जैसी बेटियां यह संदेश देती हैं कि बदलाव संभव है। प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से जनपद में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक उत्थान को नई गति मिलने की उम्मीद है।


















