सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में चंदौली 47वें पायदान पर, विकास कार्यों की रफ्तार पर उठे सवाल

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सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में चंदौली 47वें पायदान पर, विकास कार्यों की रफ्तार पर उठे सवाल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार के सीएम डैशबोर्ड पर जारी ताज़ा आंकड़ों में चंदौली ज़िले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। हाल ही में जारी रैंकिंग में चंदौली 75 ज़िलों में से 47वें स्थान पर है। इस स्थिति ने प्रशासनिक कामकाज, योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीएम डैशबोर्ड रियल टाइम करता है मॉनिटरिंग

सीएम डैशबोर्ड राज्यभर में चल रही सरकारी योजनाओं, जनकल्याण कार्यक्रमों और विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करता है। इसमें स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता, कृषि, राजस्व निपटान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ-साथ कानून-व्यवस्था जैसे मानकों पर जिलों का मूल्यांकन होता है।

योजनाओं की सुस्ती से फिसली चंदौली की रैंकिंग

जानकारों का कहना है कि चंदौली की रैंकिंग गिरने के पीछे प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, राशन वितरण, राजस्व निस्तारण, शिकायत समाधान पोर्टल और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं में धीमी प्रगति एक बड़ी वजह हो सकती है।

जनप्रतिनिधियों का संदेश

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि इस नतीजे को गंभीरता से लेने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से योजनाओं को लागू करें तो चंदौली बेहतर रैंकिंग हासिल कर सकता है।

कमियां दूर करने को लेकर विभागवार समीक्षा

ज़िला प्रशासन का दावा है कि रैंकिंग सुधारने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विभागवार समीक्षा बैठकों में कमियों की पहचान कर उन्हें जल्द दूर किया जाएगा।

चंदौली के पास विकास के अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि चंदौली के पास कृषि, पर्यटन और औद्योगिक विकास के बड़े अवसर हैं, लेकिन इनका लाभ तभी मिलेगा जब जमीनी स्तर पर योजनाओं का असर तेज़ी से दिखे।