सीआरपीएफ हवलदार अरविंद यादव को अश्रुपूरित विदाई, गांव में गूंजे “भारत माता की जय” और “अरविंद यादव अमर रहें” के नारे
चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव का गौरव, सीआरपीएफ हवलदार अरविंद यादव अब इस दुनिया में नहीं रहे। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में हुई दर्दनाक दुर्घटना में देश की सेवा करते हुए उन्होंने प्राण त्याग दिए। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर जब पैतृक गांव पहुंचा तो पूरा इलाका शोक और गर्व की भावना में डूब गया।
गांव के प्रवेश द्वार से ही हजारों की भीड़ ने भारत माता की जय और अरविंद यादव अमर रहें के नारों के साथ वीर सपूत का स्वागत किया। सेना के वाहन पर तिरंगे में लिपटे अरविंद यादव के पार्थिव शरीर को देखकर परिजन बेसुध हो गए। पिता पंचम यादव, माता शांति देवी, पत्नी अर्चना, पुत्र प्रतीक, पुत्री दीक्षा, भाई अनिरुद्ध और बहन प्रियंका शव से लिपटकर फफक-फफक कर रोने लगे।
200 फीट गहरी खाई में गिरी बंकर गाड़ी
मोलनापुर के अरविंद यादव सीआरपीएफ में हवलदार के पद पर तैनात थे और इन दिनों जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी निभा रहे थे। गुरुवार को वह अपने साथियों के साथ विशेष बंकर वाहन से बसंतगढ़ क्षेत्र से गुजर रहे थे। कन्दवा इलाके में पहाड़ी रास्ते पर वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में तीन जवान शहीद हो गए, जिनमें चंदौली के अरविंद यादव भी शामिल थे।
गांव में उमड़ा जनसैलाब, सराय घाट पर दी गई अंतिम विदाई
शनिवार को सुबह उनका पार्थिव शरीर सेना के वाहन से गांव लाया गया। हर आंख नम थी, लेकिन भीड़ के नारों में गर्व झलक रहा था। शव यात्रा सराय घाट तक पहुंची, जहां अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हजारों ग्रामीण मौजूद थे। सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी।
शोकसभा में मौजूद रहे कई बड़े नेता और अधिकारी
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, सीआरपीएफ पुलिस महानिरीक्षक मनोज ध्याने, उपमहानिरीक्षक राजेश्वर बालापुरकम, कमांडेंट आर.एस. बाला पुलकर, जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे, उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव, सांसद बीरेन्द्र सिंह, पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव, पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, सपा जिलाध्यक्ष सत्य नारायण राजभर, ब्लाक प्रमुख अरुण जायसवाल, भाजपा नेता सूर्यमुनि तिवारी, मनोज सिंह काका, राजीव सिंह मुन्ना, बलुआ इंस्पेक्टर डॉ. आशीष मिश्रा, पूर्व प्रधान बजरंगी यादव समेत हजारों लोग मौजूद रहे।
पिता ने दी मुखाग्नि
शहीद के पिता पंचम यादव ने अश्रुपूरित आंखों से अपने लाल को मुखाग्नि दी। गंगा की लहरों में शहीद की अंतिम यात्रा के साथ गांव और क्षेत्र का माहौल वीरता और बलिदान की भावना से भर गया।









