खरीफ 2025 की तैयारी तेज़, उर्वरकों की उपलब्धता और निगरानी पर प्रशासन सख्त

54

खरीफ 2025 की तैयारी तेज़, उर्वरकों की उपलब्धता और निगरानी पर प्रशासन सख्त

चंदौली : जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के निर्देश पर खरीफ-2025 अभियान की सफलता सुनिश्चित करने हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उर्वरकों की समयबद्ध और निर्धारित दर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सभी प्रमुख उर्वरक निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि, थोक विक्रेता, क्षेत्रीय प्रबंधक (इफको, चंदौली) तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को समुचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना तथा कालाबाजारी व ओवररेटिंग जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना था।

समय से करें भुगतान, सुनिश्चित हो आपूर्ति

जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि साधन सहकारी समितियों को उर्वरकों की आपूर्ति के लिए आवंटन की गई मात्रा के अनुसार समय से संबंधित खाते में धनराशि जमा करें। इसके उपरांत पीसीएफ जिला प्रबंधक के समन्वय से उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

कड़ी निगरानी की व्यवस्था, टैगिंग पर सख्त रोक

प्रशासन ने जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी प्रेक्षक के रूप में निर्धारित की है ताकि वितरण प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
कृषकों को उर्वरक POS मशीन के माध्यम से ही उनकी जोत के अनुसार वितरित किया जाएगा, और रसीद देना अनिवार्य होगा। साथ ही, डीएपी एवं यूरिया जैसे प्रमुख उर्वरकों के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। यदि किसी भी स्थान पर टैगिंग, कालाबाजारी या ओवररेटिंग की शिकायत मिलती है तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को घबराने की नही आवश्यकता

वर्तमान में जनपद में निम्नलिखित मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है..

यूरिया : 17,818.00 मैट्रिक टन

डीएपी : 3,468.00 मैट्रिक टन

एमओपी : 811.00 मैट्रिक टन

एनपीके : 2,358.00 मैट्रिक टन

एसएसपी : 11,704.00 मैट्रिक टन

इसके अतिरिक्त, इफको द्वारा भेजी गई एक रेक भी जनपद को प्राप्त हो चुकी है, जिसमें 850.00 मैट्रिक टन डीएपी और 500.00 मैट्रिक टन एनपीके शामिल हैं। यह उर्वरक प्राथमिकता के आधार पर समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।

आवश्यकता अनुसार ही करें उर्वरकों का प्रयोग

कृषक भाइयों से अपील की गई है कि वे अपनी फसलों की आवश्यकता अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत तो बढ़ेगी ही, साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

निष्कर्ष

प्रशासन की इस सख्ती और सुव्यवस्थित रणनीति से खरीफ-2025 के लिए जनपद में उर्वरकों की समय से आपूर्ति, न्यायसंगत वितरण और किसानों को राहत दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। किसान भाई शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए, विवेकपूर्ण ढंग से उर्वरकों का प्रयोग करें और उपज में वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वरता को भी सुरक्षित रखें।