गंगा पुल से दो चचेरी बहनों ने लगाई छलांग, एक की मौत, एक को चौकी इंचार्ज ने बचाया, मानवता की मिसाल बना ‘वर्दी का फरिश्ता’

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गंगा पुल से दो चचेरी बहनों ने लगाई छलांग, एक की मौत, एक को चौकी इंचार्ज ने बचाया, मानवता की मिसाल बना ‘वर्दी का फरिश्ता’

चंदौली : जनपद में शुक्रवार का दिन एक दर्दनाक हादसे का गवाह बना, जब बलुआ थाना क्षेत्र के पहाड़पुर (मोलनापुर) गांव की दो चचेरी बहनों ने सैदपुर पुल से गंगा नदी में छलांग लगा दी। इस दिल दहला देने वाली घटना में जहां एक युवती की जान चली गई, वहीं दूसरी की जिंदगी सैदपुर चौकी इंचार्ज मनोज कुमार पाण्डेय की बहादुरी और संवेदनशीलता से बच गई। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ‘वर्दी का मानवीय चेहरा’ पूरे समाज को झकझोर रहा है।

प्रैक्टिकल से मौत की छलांग तक

जानकारी के अनुसार पहाड़पुर (मोलनापुर) गांव की दो बेटियाँ सोनी यादव (18 वर्ष) पुत्री रमेश यादव और चंचल यादव (19 वर्ष) पुत्री सुरेश यादव शुक्रवार को परीक्षा में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि ये दोनों जीवन की परीक्षा में इतना बड़ा और भयावह कदम उठा लेंगी। जैसे ही ये दोनों सैदपुर स्थित मारूफपुर पुल पर पहुंचीं, उन्होंने बिना किसी झिझक के गंगा की लहरों में खुद को समर्पित कर दिया।

हड़कंप, शोर और फिर शुरू हुई रेस्क्यू रेस

दोनों युवतियों को नदी में कूदता देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही मिनटों में सैदपुर पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई। समय के साथ दौड़ती हर सांस के बीच एक-एक पल बेहद कीमती था।

एक जान गई, एक जान बची

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों ने अथक प्रयास से चंचल को नदी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक सोनी की सांसें पानी के भीतर दम तोड़ चुकी थीं। उसकी लाश कुछ देर बाद बरामद की गई। चंचल की हालत बेहद नाजुक थी, बदहवास, डरी और बेहोशी के कगार पर।

जब वर्दी बनी फरिश्ता, चौकी इंचार्ज मनोज पांडेय की मिसाल

रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज मनोज पाण्डेय ने अपने कंधों पर ज़िम्मेदारी का भार ही नहीं उठाया, बल्कि चंचल को गोद में उठाकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। रास्ते में रेलवे क्रॉसिंग बंद मिली, लेकिन मनोज पाण्डेय रुके नहीं, बल्कि चंचल को दोबारा गोद में उठाकर फाटक पार कराया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर में उसका उपचार शुरू करवाया।

वीडियो वायरल, लोगों ने कहा – “सलाम इस जज्बे को”

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। जिसमें चौकी इंचार्ज मनोज पाण्डेय अपनी वर्दी की गरिमा को इंसानियत से ओत-प्रोत करते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है – “आज वर्दी ने सिर्फ कानून नहीं निभाया, एक पिता, एक भाई, एक इंसान का फर्ज भी अदा किया।”

गांव में पसरा मातम, परिवार सदमे में

घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। सोनी की असमय मृत्यु ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। परिजन बेसुध हैं, और चंचल का उपचार जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर इन दोनों युवतियों ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया।

एक सीख, एक सवाल, और एक सलाम

इस हृदयविदारक हादसे ने कई सवाल खड़े किए हैं – क्या हमारे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है? क्या उनके लिए परामर्श, समर्थन और संवेदनशील संवाद के अवसर हैं? और साथ ही यह घटना हमें यह भी सिखा गई कि संकट के क्षणों में एक पुलिसवाला जब संवेदनशीलता और तत्परता दिखाता है, तो वह वर्दी में एक देवदूत बन जाता है। समाज को चाहिए ऐसे प्रहरी, जो सुरक्षा ही नहीं, संवेदना भी दे सकें।

इस हृदयविदारक घटना के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नही हो सका है। बहरहाल चंचल के होश में आने के बाद ही सही कारणों का पता चल सकेगा कि दोनों चचेरी बहनों ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया।