कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुआ किसान दिवस, किसानों की समस्याओं पर हुई चर्चा

48

कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुआ किसान दिवस, किसानों की समस्याओं पर हुई चर्चा

चंदौली : कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राल्लपल्ली जगत साईं ने की। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जिले के किसानों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाना था।

किसानों ने रखी समस्याएं, अधिकारियों को दिए गए निर्देश

बैठक के दौरान किसानों ने अपनी कई समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। खासतौर पर गेहूं कटाई के समय आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों ने ब्लॉक और तहसील स्तर पर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने की मांग की। किसानों ने ढैंचा और मूंग के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की, जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन से बीजों का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है और उपलब्ध होते ही किसानों को वितरित कर दिया जाएगा।

सीडीओ राल्लपल्ली जगत साईं ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित विभागों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर सख्त रुख

किसान दिवस की बैठक में फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि तहसील स्तर पर कृषि विभाग के नामित अधिकारियों द्वारा उप जिलाधिकारियों के साथ क्षेत्रीय कार्मिकों (कृषि/राजस्व) की बैठक कराई जाए।

सीडीओ ने यह भी निर्देश दिया कि उन ग्रामों और जनसेवा केंद्रों की विशेष समीक्षा की जाए, जहां फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति धीमी है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान योजना) और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक फार्मर रजिस्ट्री करा ली होगी।

जनसेवा केंद्रों की अनिवार्य उपस्थिति

सीडीओ ने इस बात पर जोर दिया कि जनसेवा केंद्र संचालकों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए, ताकि किसानों की रजिस्ट्री में तेजी लाई जा सके। उन्होंने उप कृषि निदेशक को आदेश दिया कि वे अपने विभाग के सभी अधिकारियों और क्षेत्रीय कार्मिकों के साथ फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की नियमित समीक्षा करें।

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी

बैठक में यह देखा गया कि कुछ विभागीय अधिकारी अनुपस्थित थे या उनकी ओर से प्रतिनिधि भेजा गया था। इस पर सीडीओ राल्लपल्ली जगत साईं ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगली बैठक में सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं उपस्थित रहें, अन्यथा उनके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं को हल करने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सिंचाई विभाग, ऊर्जा विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यान विभाग और नलकूप विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करें और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में शामिल अधिकारी

इस महत्वपूर्ण किसान दिवस बैठक में उप कृषि निदेशक, एआर कोऑपरेटिव, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बैंक, ऊर्जा, सिंचाई, मत्स्य, नलकूप, उद्यान सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

किसान दिवस का यह आयोजन किसानों के लिए लाभकारी रहा, जिसमें उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में फार्मर रजिस्ट्री, फसल सुरक्षा, बीज वितरण, सिंचाई और फसल कटाई के दौरान होने वाली आगजनी की घटनाओं पर विशेष चर्चा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी राल्लपल्ली जगत साईं ने अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया कि वे किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।