गंगा अपने किनारों को तोड़ रिहायशी इलाके में प्रवेश को बेताब, जिला प्रशासन अलर्ट
चंदौली : जिले में लोगों को गंगा डराने लगी है. जीवनदायिनी गंगा अपने किनारों को तोड़ रिहायशी इलाके में प्रवेश करने को बेताब है. नदी का पानी खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है. इसको लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है. डीएम निखिल टी. फुंडे व एसपी आदित्य लांग्हे ने तटवर्ती क्षेत्र के कुंडा खुर्द, बहादुरपुर आदि गांव का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से बातचीत किया और उनका कुशल छेम जाना. साथ ही बाढ़ से संबंधित जानकारी प्राप्त की. इसके साथ ही उन्होंने वहां उपस्थित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण रखने के निर्देश दिए.

डीएम निखिल टी. फुंडे ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर स्थिर है. परंतु वार्निंग लेवल को टच कर चुका है. बाढ़ के दृष्टिगत हम लोगों की पूरी तैयारी है. प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. गांव के प्रधान एवं सभ्रांत लोगों से बात कर पूर्व की स्थिति का भी आकलन कर लिया गया है. पानी बढ़ने पर सभी लोगों को सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की तैयारी कर ली गई है. साथ ही यदि किसी की फसल या संपत्ति की कोई क्षति होती है तो उसका जो मुआवजा है उसको समय से दिया जाएगा.

डीएम ने मड़िया क्षेत्र के तरफ बारिश का पानी पहुंचने से पूर्व राहत एवं बचाव के सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश एसडीएम आलोक कुमार को दिए. उन्होंने कहा कि शिविरों में भोजन, स्वच्छ जल और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. जिलाधिकारी ने गंगा तट पर जलस्तर को चिन्हित करने, तटवर्ती क्षेत्र के निवासियों की लिस्टिंग करने एवं सभी के मोबाइल नंबर नोट करने के निर्देश दिए. वही एसपी आदित्य लांग्हे ने तटवर्ती क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाए जाने हेतु पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया.

इस दौरान एसडीएम आलोक कुमार, क्षेत्राधिकारी आशुतोष कुमार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, ग्राम प्रधान एवं अन्य स्थानीय निवासी उपस्थित रहे.


















