सांड के हमले में घायल बुजुर्ग की मौत, गांव में पसरा मातम, छुट्टा पशुओं के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश, हिंसक सांड को पकड़कर गोशाला भेजने की मांग
चंदौली : चहनियां क्षेत्र के टांडाकला गांव में सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल 70 वर्षीय कमला पांडेय की शनिवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, लगातार छुट्टा पशुओं के हमलों से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, टांडाकला निवासी कमला पांडेय बीते गुरुवार को रोजाना की तरह हाथ में डंडा लेकर टहलने के लिए सोनबरसा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह रामबचन यादव के घर के पास पहुंचे, वहां मौजूद एक सांड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। सांड ने उन्हें सींग से उठाकर पटक दिया और लगातार हमला करता रहा। बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और किसी तरह सांड को वहां से खदेड़ा।
हमले में कमला पांडेय के हाथ-पैर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं। परिजन उन्हें आनन-फानन में निजी वाहन से वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका उपचार चल रहा था। करीब तीन दिनों तक इलाज के बाद हालत बिगड़ने पर शनिवार को चिकित्सकों ने परिजनों को उन्हें घर ले जाने की सलाह दी। शनिवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
कमला पांडेय की मौत से पत्नी मालती देवी और पुत्र कौशल पांडेय समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से गांव में भी शोक की लहर है।
पहले भी कर चुका है हमला
ग्रामीणों के मुताबिक, यही सांड पिछले सप्ताह गांव के प्रमोद यादव पर भी हमला कर चुका है। हमले में घायल प्रमोद यादव का अभी इलाज चल रहा है। लगातार दो लोगों पर हमला होने के बाद ग्रामीणों में छुट्टा और हिंसक पशुओं को लेकर भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हिंसक सांड को पकड़वाकर गोशाला भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसी दर्दनाक घटनाएं हो सकती हैं। ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं के आतंक से निजात दिलाने के लिए अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की भी मांग की है।


















