चीनी की कालाबाजारी पर शिकंजा, चार हजार क्विंटल से अधिक भंडारण पर रोक, स्टॉक सीमा लागू, मनमानी कीमत वसूलने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, जिलाधिकारी ने गठित कीं जांच टीमें

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चीनी की कालाबाजारी पर शिकंजा, चार हजार क्विंटल से अधिक भंडारण पर रोक, स्टॉक सीमा लागू, मनमानी कीमत वसूलने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, जिलाधिकारी ने गठित कीं जांच टीमें

चंदौली : जिले में चीनी की कालाबाजारी, जमाखोरी और मनमाने दामों पर बिक्री रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में चीनी के भंडारण की सीमा निर्धारित कर दी गई है। यह व्यवस्था एक अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों और गोदामों में चीनी के भंडार की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

नए प्रावधानों के अनुसार कोई भी चीनी व्यापारी प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक अपने पास नहीं रख सकेगा। इसके साथ ही किसी भी समय चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भंडारण की अवधि की गणना स्टॉक प्राप्त होने के पहले दिन से की जाएगी।

सभी चीनी व्यापारियों के लिए अपने स्टॉक का विवरण खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य किया गया है। व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार को अपने स्टॉक की स्थिति अद्यतन करनी होगी। प्रशासन की टीमें अब इस विवरण का मौके पर मौजूद भंडार से मिलान भी करेंगी।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। चीनी के भंडारण की नियमित जांच के लिए गठित टीमें सक्रिय हैं। जांच के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने या तय कीमत से अधिक मूल्य वसूलने की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिले में चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से चीनी का भंडारण न करें।

प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कोई व्यापारी चीनी की कालाबाजारी करता है अथवा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है तो तत्काल इसकी सूचना जिला पूर्ति अधिकारी के मोबाइल नंबर 7839564808 या जिला खाद्य विपणन अधिकारी के मोबाइल नंबर 7839565148 पर दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।