अघोषित बिजली कटौती से चंदौली के ग्रामीण बेहाल, उमस भरी गर्मी में बिजली ही बनी सहारा, चहनियां क्षेत्र में तय रोस्टर के विपरीत हो रही कटौती से लोगों में आक्रोश, किसान भी सिंचाई को लेकर परेशान
चंदौली : उमस भरी गर्मी के बीच चहनियां क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली की लगातार कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और कम वोल्टेज के कारण आमजन के साथ किसान भी परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित बिजली आपूर्ति के नियम और रोस्टर का स्थानीय स्तर पर पालन नहीं किया जा रहा है। निर्धारित 18 घंटे की आपूर्ति के स्थान पर कई बार मुश्किल से 10 घंटे या उससे भी कम बिजली मिल पा रही है।
चहनियां क्षेत्र के चहनियां विद्युत उपकेंद्र, सुरतापुर विद्युत उपकेंद्र और मारूफपुर विद्युत उपकेंद्र को धानापुर जाने वाली 33 हजार वोल्ट की मुख्य विद्युत लाइन से आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों के अनुसार मुख्य लाइन पर अधिक भार होने के कारण रात के समय प्रतिदिन बड़े पैमाने पर बिजली कटौती की जा रही है। इसका सबसे अधिक असर रात के समय देखने को मिलता है, जब लोग दिनभर के काम से थके-हारे घर पहुंचते हैं और बिजली गुल होने के कारण चैन की नींद भी नहीं ले पाते।
ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों गर्मी और उमस से पहले ही लोग बेहाल हैं। ऐसे में बिजली कटौती ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। बिजली नहीं रहने से घरों में पंखे और कूलर बंद हो जाते हैं। बुजुर्गों, छोटे बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात में लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है और दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है।
किसानों की बढ़ी परेशानी
अघोषित बिजली कटौती का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। धान की रोपाई और फसल की सिंचाई के लिए किसानों को बिजली की आवश्यकता है, लेकिन अनियमित आपूर्ति के कारण किसान समय से खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिजली आने का कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। कभी अचानक बिजली चली जाती है तो कभी कम वोल्टेज के कारण मोटर और नलकूप ठीक से नहीं चल पाते। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ट्रिपिंग और कम वोल्टेज ने बढ़ाई मुश्किल
ग्रामीणों के मुताबिक बिजली कटौती के अलावा बार-बार ट्रिपिंग और कम वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। बिजली आने के बाद भी आपूर्ति सुचारु नहीं रहती। बार-बार बिजली आने-जाने से विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
अधिकारी दे रहे ऊपर से कटौती का हवाला
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी ऊपर से बिजली कटौती होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी तकनीकी कारण या अधिक भार की वजह से आपूर्ति प्रभावित हो रही है तो विभाग को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए। शासन द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए चहनियां क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने, अघोषित कटौती पर रोक लगाने तथा निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीणों का आक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है।


















