सौ साल की उम्र और करोड़ों की दौलत, निवेश ने सिखाया लंबी आर्थिक जिंदगी का मंत्र

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सौ साल की उम्र और करोड़ों की दौलत, निवेश ने सिखाया लंबी आर्थिक जिंदगी का मंत्र

यूपी TIMES18 : आमतौर पर निवेश की चर्चा करते समय लोग मुनाफे, जोखिम और बाजार की चाल पर ध्यान देते हैं, लेकिन निवेश की दुनिया की कुछ असाधारण कहानियां यह बताती हैं कि धन बढ़ाने में केवल अच्छा प्रतिफल ही नहीं, बल्कि समय और धैर्य की भी बड़ी भूमिका होती है। निवेश सलाहकार डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने ऐसे ही कुछ निवेशकों की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए एक दिलचस्प सवाल उठाया है – क्या निवेश को सौ साल तक जीवित रखने वाली आर्थिक औषधि कहा जा सकता है?

बेशक, निवेश और लंबी आयु के बीच कोई वैज्ञानिक संबंध प्रमाणित नहीं है। फिर भी, दुनिया के कुछ सफल निवेशकों की लंबी उम्र और दशकों तक निवेशित रहने की उनकी आदत एक रोचक संयोग जरूर प्रस्तुत करती है।

101 वर्ष की उम्र में छोड़ी करोड़ों की संपत्ति

अमेरिका की कर विभाग की अधिकारी रहीं ऐन शाइबर की कहानी निवेश की शक्ति का चर्चित उदाहरण है। बताया जाता है कि सेवानिवृत्ति के आसपास उनके पास करीब पांच हजार डॉलर की बचत थी। उन्होंने इस धन को विभिन्न कंपनियों में लगाया और मिलने वाले लाभांश को दोबारा निवेश करती रहीं।

दशकों तक निवेश को बनाए रखने का परिणाम यह हुआ कि वर्ष 1995 में 101 वर्ष की उम्र में उनके निधन के समय उनकी संपत्ति करीब दो करोड़ बीस लाख डॉलर बताई गई। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि बड़ी संपत्ति बनाने के लिए केवल बड़ी शुरुआती रकम जरूरी नहीं होती। अनुशासन, धैर्य और लंबे समय तक निवेशित बने रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

104 वर्ष की उम्र तक निवेश का सफर

हावर्ड मार्कस और उनकी पत्नी लोटी मार्कस ने भी लंबे समय तक निवेश बनाए रखा। उन्होंने शुरुआती दौर में वॉरेन बफे के साथ जुड़ी निवेश यात्रा में धन लगाया और कई दशकों तक अपने निवेश को समय दिया। धीरे-धीरे उनकी संपत्ति करोड़ों डॉलर तक पहुंच गई। हावर्ड मार्कस का निधन 104 वर्ष की उम्र में हुआ, जबकि लोटी मार्कस 99 वर्ष तक जीवित रहीं। इनकी कहानी में एक महत्वपूर्ण बात समान दिखाई देती है – उन्होंने अपने धन को जल्दबाजी में निकालने के बजाय उसे लंबे समय तक बढ़ने का अवसर दिया।

चार्ली मंगर ने सिखाया धैर्य का महत्व

दिग्गज निवेशक चार्ली मंगर का निधन 99 वर्ष की उम्र में हुआ। निवेश के प्रति उनका दृष्टिकोण भी धैर्य और दूरदृष्टि पर आधारित था। उनका मानना था कि हर समय निवेश में कुछ न कुछ करते रहना आवश्यक नहीं है। कई बार अच्छे निवेश को लंबे समय तक बनाए रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होता है। यानी निवेश में अवसर तलाशने जितना महत्वपूर्ण है, सही अवसर मिलने तक धैर्य रखना भी उतना ही जरूरी है।

वॉरेन बफे की आठ दशक से अधिक की निवेश यात्रा

दुनिया के सबसे चर्चित निवेशकों में शामिल वॉरेन बफे ने महज 11 वर्ष की उम्र में अपना पहला शेयर खरीदा था। इसके बाद उनकी निवेश यात्रा आठ दशक से अधिक समय तक जारी रही। उनकी सफलता को केवल ऊंचे प्रतिफल से जोड़ना पूरी तस्वीर नहीं होगी। उनके धन निर्माण में लंबे समय तक निवेशित रहने और धन पर बार-बार मिलने वाले प्रतिफल को दोबारा बढ़ने देने की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इसी को चक्रवृद्धि वृद्धि की ताकत कहा जाता है। सरल शब्दों में, जब निवेश से मिलने वाला लाभ भी आगे निवेश होकर लाभ कमाने लगता है, तो समय के साथ धन की वृद्धि तेज होती जाती है।

सवाल केवल सेवानिवृत्ति तक की तैयारी का नहीं

डॉ. तिवारी के अनुसार, अधिकांश लोग अपनी आर्थिक योजना 60 या 65 वर्ष की उम्र तक को ध्यान में रखकर बनाते हैं। लेकिन यदि कोई व्यक्ति 90, 95 या 100 वर्ष तक जीवित रहता है तो उसके खर्च और आर्थिक जरूरतें भी उतने ही लंबे समय तक चलेंगी। ऐसे में जरूरी है कि व्यक्ति केवल यह न सोचे कि सेवानिवृत्ति के समय उसके पास कितना धन होगा, बल्कि यह भी विचार करे कि वह धन आगे कितने वर्षों तक उसका साथ देगा।

लंबी उम्र अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उस लंबी जिंदगी को आर्थिक सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीने के लिए धन की उचित योजना भी जरूरी है।

निवेश उम्र नहीं बढ़ाता, लेकिन आर्थिक सुरक्षा बढ़ा सकता है

डॉ. तिवारी स्पष्ट करते हैं कि निवेश को सौ वर्ष तक जीवित रखने वाली दवा कहना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा। निवेश किसी व्यक्ति की आयु बढ़ाने की गारंटी नहीं देता। लेकिन इसे रूपक के तौर पर ‘सौ साल की आर्थिक औषधि’ जरूर कहा जा सकता है। वजह यह है कि यदि जीवन लंबा हो जाता है तो लंबे समय तक किया गया अनुशासित निवेश आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकता है।

इन निवेशकों की कहानियों का सबसे बड़ा संदेश यही है कि धन को समय दीजिए। अच्छा निवेश, धैर्य और लंबी अवधि – इन तीनों का संयोजन समय के साथ असाधारण परिणाम दे सकता है। आखिर निवेश का असली मंत्र केवल अधिक कमाई नहीं, बल्कि अपने धन को लंबे समय तक बढ़ने का अवसर देना है।

Disclaimer

निवेश और दीर्घायु के बीच कोई वैज्ञानिक कारण-संबंध स्थापित नहीं है। यह समाचार दीर्घकालिक निवेश और चक्रवृद्धि वृद्धि की अवधारणा को समझाने के उद्देश्य से है। निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। निवेश से पहले संबंधित योजना के सभी दस्तावेज ध्यानपूर्वक पढ़ें।