कुसहां में मौत बनकर झूल रहे 9 बिजली के खंभे, किसानों ने दी आंदोलन और घेराव की चेतावनी
चंदौली : शहाबगंज ब्लॉक के ग्राम कुसहां में खेतों के बीच से गुजर रही विद्युत लाइन के जर्जर एवं लटके हुए खंभे ग्रामीणों और किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। किसानों का आरोप है कि गांव के दक्षिण-पूर्वी सिवान में लगे करीब नौ विद्युत खंभे पिछले तीन वर्षों से झुकी हुई और जर्जर अवस्था में हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार इन्हीं खंभों के माध्यम से गांव के समर्सिबल पंप, विद्यालय तथा मंदिर को विद्युत आपूर्ति होती है। बरसात और धान की रोपाई का समय नजदीक होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते खंभों को दुरुस्त नहीं किया गया तो बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ खेतों में काम करने वाले किसानों एवं मवेशियों की जान पर भी खतरा मंडरा सकता है।
किसानों ने बताया कि इस संबंध में कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। किसान विकास मंच के मिथिलेश सिंह और सुजीत तिवारी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में खेतों पर जाना भी जोखिम भरा हो गया है। वहीं धान एवं गेहूं की कटाई के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका भी लगातार बनी रहती है।
किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने बताया कि उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष सिंह, सहायक अभियंता तथा अवर अभियंता विनोद यादव को फोन कर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात के बाद खेतों में पानी भर जाने पर मरम्मत कार्य और अधिक कठिन हो जाएगा।
राम अवध सिंह ने वीडियो क्लिप के माध्यम से भी अधिकारियों को जर्जर खंभों की स्थिति दिखाई और कहा कि यदि किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब तीन वर्षों से खंभे लटके हुए हैं, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
किसानों ने मांग की है कि विद्युत विभाग तत्काल खंभों को बदलकर लाइन को सुरक्षित करे। अन्यथा मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर इलिया पावर हाउस का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान सुजीत तिवारी, प्रेमनाथ तिवारी, मिथिलेश सिंह, अजय तिवारी सहित किसान विकास मंच के कई पदाधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।


















