गंगा के बढ़ते जलस्तर और जलभराव को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने बाढ़ चौकियों को मुस्तैद रखने के दिए निर्देश
चंदौली : जिले में लगातार हो रही बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित ऑनलाइन बैठक में अधिकारियों को प्रभावित और संभावित बाढ़ क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा राहत-बचाव की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों तथा सिंचाई खंड (बंधी एवं चंद्रप्रभा) के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे सहायक अभियंताओं और जूनियर इंजीनियरों के साथ समन्वय बनाकर बाढ़ एवं जलभराव से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थलीय निरीक्षण करने और बाढ़ चौकियों पर मौजूद कमियों को तत्काल दूर करने को कहा गया।
डीएम ने नदियों और नालों की विशेष सफाई कराने तथा जल निकासी के रास्ते में आने वाले सभी अवरोधों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए, ताकि जलजमाव की स्थिति गंभीर न हो। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर लोगों के ठहरने के लिए पर्याप्त व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, बिजली, पंखे, भोजन सामग्री और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा।
इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल और पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जलभराव एवं बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहकर आमजन की हरसंभव मदद करेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और बाढ़ प्रभावित लोगों को समय से राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।


















