लघु उद्योग भारती का बड़ा कदम, चंदौली में सिल्क इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की मांग

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लघु उद्योग भारती का बड़ा कदम, चंदौली में सिल्क इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की मांग

चंदौली : लघु उद्योग भारती ने सोमवार को जिले के उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने की दिशा में एक अहम पहल की। संस्था के अध्यक्ष उमाशंकर राय (डब्लू राय) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी (पूर्वी जोन) के संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह से भेंट कर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस दौरान बैठक का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना को चंदौली में सफलतापूर्वक लागू करने की रणनीति पर रहा।

बनारसी सिल्क की गूंज चंदौली में 

बैठक में निवर्तमान अध्यक्ष राकेश कांत राय ने एक अहम प्रस्ताव रखा, जिसने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने सुझाव दिया कि चंदौली के ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) में वर्तमान उत्पादों – जरी-जरदोजी और काला नमक चावल के साथ बनारस के सिल्क उत्पादों को भी शामिल किया जाए। उनके अनुसार, बनारस के कई हैंडलूम, पावरलूम, फैब्रिक्स, साड़ी और ब्रोकेड्स के व्यवसायी लंबे समय से चंदौली में सक्रिय हैं। यदि सिल्क उत्पादों को भी ODOP में शामिल किया जाता है, तो न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले के नए उद्यमियों के लिए रोजगार और निवेश के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

औद्योगिक पहचान होगी मजबूत

इस प्रस्ताव पर संयुक्त आयुक्त उद्योग ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि इसे विभागीय स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ODOP का दायरा बढ़ाने से जिले की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।

बैठक में प्रदेश सचिव राजेश कुमार सिंह, महामंत्री पी. एन. राय और कोषाध्यक्ष सतीश राय भी मौजूद रहे। चर्चा के अंत में संस्था के पदाधिकारियों ने संयुक्त आयुक्त को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया।

सिल्क से सजेगा चंदौली, बनेगा पारंपरिक और आधुनिक उद्योगों का हब

लघु उद्योग भारती का मानना है कि अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो चंदौली उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो सकता है, जो पारंपरिक और आधुनिक हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद और वस्त्र उद्योग का संगम पेश करते हैं।