संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 42वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ई.सी.सी.ई. किट किया गया वितरण

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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 42वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ई.सी.सी.ई. किट किया गया वितरण

चंदौली : देश के सबसे प्राचीन संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 42वां दीक्षांत समारोह बेहद धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर संस्कृत में कार्यक्रम का संचालन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत घोषणा के साथ की. इस मौके पर राज्यपाल ने 31 मेधावियों में पदक का वितरण किया. इसके साथ ही 13773 विद्यार्थियों को उपाधियां बांटीं. वही चंदौली की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ई.सी.सी.ई. किट का वितरण किया गया. जिले के 100 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ई.सी.सी.ई. किट उपलब्ध कराया गया है. किट की आपूर्ति जिले के कार्यदायी संस्था (25 किट), खाद्य एवं रसद विभाग (25 किट), औद्योगिक इकाइयों द्वारा (20 किट), पंचायत निधि (20 किट) एवं विभिन्न वाणिज्यिक बैंको द्वारा (10 किट) सी.एस.आर. एवं अन्य मद से किया गया है. इस ई.सी.सी.ई. किट से आंगनबाड़ी केंद्रों पर 06 वर्ष की आयु तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास, प्रारम्भिक साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल की वृद्धि आमूलचूल प्रगति होगी.

बता दे कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय देश के ऐतिहासिक विश्वविद्यालय में से एक माना जाता है, जो संस्कृत के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है. विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह अन्य विश्वविद्यालय की तुलना में बेहद अलग होता है. इसका आयोजन परिसर में मौजूद ऐतिहासिक धरोहर मुख्य भवन मे होता है. इसके साथ ही पूरे कार्यक्रम का संचालन संस्कृत भाषा में होता है.

इस दौरान जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे, मुख्य विकास अधिकारी एस. एन. श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी चंदौली, बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर, सकलडीहा एवं नियामताबाद, क्षेत्रीय मुख्य सेविका तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं.