विंध्य कॉरिडोर के खिलाफ किसानों का बिगुल, भूमि अधिग्रहण रोकने की मांग, सीएम के नाम भेजा ज्ञापन
चंदौली : विंध्य कॉरिडोर परियोजना के तहत प्रस्तावित नई हाईवे सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में मंगलवार को किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी चंदौली के माध्यम से सौंपते हुए परियोजना को तत्काल वापस लेने तथा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में किसानों ने कहा कि तहसील पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के पड़ाव, शिवनाथपुर, चर्खी, हसनपुर, उसरौली, सिकंदरपुर, गोपालपुर समेत कई गांवों के अधिकांश परिवार पूरी तरह कृषि पर निर्भर हैं। उनकी उपजाऊ खेती ही आजीविका का एकमात्र आधार है। यदि परियोजना के नाम पर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया तो हजारों किसान परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा भूमि का सीमांकन और नोटिस जारी किए जाने से ग्रामीणों में भय एवं असंतोष का माहौल व्याप्त है। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत से तैयार की गई उपजाऊ जमीन को किसी भी कीमत पर अधिग्रहित नहीं होने दिया जाएगा।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं। पहली, विंध्य कॉरिडोर परियोजना को तत्काल वापस लिया जाए। दूसरी, किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण पूरी तरह रोका जाए। तीसरी, वर्तमान सर्किल रेट की समीक्षा कर उसे वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप संशोधित किया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि यह संघर्ष केवल जमीन बचाने का नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है।


















