सीएमओ के पीएचसी पहुंचने के बाद चमचमाती कार से पहुंचे डॉ. अनुराग यादव, लापरवाही के आरोपों के बीच बढ़ा विवाद

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सीएमओ के पीएचसी पहुंचने के बाद चमचमाती कार से पहुंचे डॉ. अनुराग यादव, लापरवाही के आरोपों के बीच बढ़ा विवाद

चंदौली : लगातार विवादों में घिरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) चहनियां में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यापारी को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा और जब व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद सीएमओ डॉ. परितोष मिश्रा मौके पर पहुंचे, तब ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अनुराग यादव अपनी चमचमाती कार से पीएचसी परिसर में प्रवेश करते दिखाई दिए। इस घटना ने व्यापारियों और स्थानीय लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया।

जानकारी के अनुसार, बीती रात चहनियां निवासी व्यापारी विजय गुप्ता सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चहनियां लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अनुराग यादव अस्पताल में मौजूद नहीं थे। परिजनों ने काफी देर तक चिकित्सक का इंतजार किया, लेकिन उनके नहीं पहुंचने पर घायल की हालत बिगड़ती चली गई। मजबूरन परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए, जहां उनका उपचार चल रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो घायल की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।

घटना से नाराज व्यापारियों ने अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. परितोष मिश्रा मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। इस दौरान व्यापारियों ने डॉ. अनुराग यादव पर समय से ड्यूटी पर न आने, अस्पताल में लापरवाही बरतने तथा मरीजों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए।

व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल के चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते हैं, जांचें निजी लैब से कराने के लिए भेजी जाती हैं तथा प्रसव के बाद प्रसूताओं के परिजनों से धन की मांग की जाती है। उन्होंने दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए तत्काल स्थानांतरण की मांग की।

गौरतलब है कि चहनियां ब्लॉक के लगभग 91 गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी इसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात्रि के समय अस्पताल का संचालन केवल एक वार्ड बॉय के भरोसे होता है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही है।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी इस अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें सरकारी दवाएं अस्पताल परिसर के बाहर फेंकी हुई दिखाई दी थीं। मामले के बाद तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रितेश कुमार और फार्मासिस्ट डॉ. मुकेश सिंह का स्थानांतरण किया गया था। इसके बावजूद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

सीएमओ डॉ. परितोष मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक की अनुपस्थिति, बाहर से दवाएं लिखने, जांच कराने तथा प्रसूताओं के परिजनों से धन मांगने सहित सभी शिकायतों की जांच होगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।