11 साल से फरार 50 हजार का इनामी गिरफ्तार, गोवध मामले में 25 हजार का इनामी भी दबोचा

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11 साल से फरार 50 हजार का इनामी गिरफ्तार, गोवध मामले में 25 हजार का इनामी भी दबोचा

चंदौली : अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुगलसराय पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से 11 वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर को बिहार के दानापुर से गिरफ्तार किया है। वहीं, स्वाट/सर्विलांस टीम और सैयदराजा पुलिस ने गोवध के मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को चुनार क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जनपद में कुल 63 इनामिया वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

अपहरण और फिरौती के मामले में 11 साल से था फरार

मुगलसराय थाना क्षेत्र में वर्ष 2015 में हुए पीयूष भारूका अपहरण एवं फिरौती के मामले में वांछित दिलीप कुमार कुशवाहा उर्फ छोटू पुत्र नागेंद्र सिंह, निवासी बनखड़ा, थाना राजापाकर, जनपद वैशाली, बिहार को पुलिस ने 19 अगस्त 2026 को दानापुर, पटना से गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक 13 जनवरी 2015 को पीयूष भारूका घर से निकले थे, जिसके बाद उनकी स्कूटी केंद्रीय विद्यालय मानसनगर के गेट के पास लावारिस मिली थी। 16 जनवरी को परिजनों के मोबाइल पर फिरौती की मांग और जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले में मुगलसराय थाने में धारा 364-A और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस समय पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत पीयूष भारूका को सकुशल बरामद कर लिया था। मामले में आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है, लेकिन दिलीप कुमार कुशवाहा लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ चंदौली, बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में अपहरण, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं।

गोवध के मामले में 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

दूसरी कार्रवाई में स्वाट टीम और थाना सैयदराजा पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त मनीष यादव पुत्र रामदुलार यादव उर्फ दुलारे यादव, निवासी ग्राम सराय, थाना बलुआ, जनपद चंदौली को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक 24 मई 2025 को सैयदराजा पुलिस ने जमानिया तिराहे के पास एनएच-2 पर चेकिंग के दौरान दो टाटा मैजिक वाहनों से तीन गोवंश बरामद किए थे। गोवंशों को क्रूरतापूर्वक वध के लिए ले जाया जा रहा था। मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना के दौरान मनीष यादव की भूमिका सामने आई, जिसके बाद वह लगातार फरार चल रहा था।

मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर 19 अगस्त को चुनार क्षेत्र के सक्तेशगढ़ मार्ग तिराहा से उसे गिरफ्तार कर लिया।

दोनों कार्रवाइयों को पुलिस की अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम की अहम सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वांछित और इनामिया अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।