सड़क की बदहाली से नाराज़ ग्रामीणों का प्रदर्शन, वर्षों से पक्की सड़क की मांग
चंदौली : चहनियां क्षेत्र के हरधन गांव (पूर्वी मोहल्ला बारी) में शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क की बदहाली को लेकर फूट पड़ा। वर्षों से उपेक्षित पड़े चकरोड को पक्का कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन से जल्द समाधान की गुहार लगाई।
ग्रामीणों का कहना है कि टांडाकला वाया बलुआ मुख्य मार्ग से मोलनापुर गांव के खड़ंजा मार्ग को जोड़ने वाला चकरोड कच्चा होने के कारण उन्हें रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह मार्ग गांव के लोगों के लिए मुख्य संपर्क रास्ता है, लेकिन वर्षों से इसकी मरम्मत या पक्कीकरण नहीं होने के कारण स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान बुजुर्ग ग्रामीण सूर्यनाथ यादव ने बताया कि यह चकरोड करीब 12 कड़ी लंबा है, लेकिन देखरेख के अभाव में पूरे रास्ते पर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह किसी जंगल जैसी प्रतीत होती है। इससे राहगीरों को हर समय जंगली जानवरों और सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के दिनों में किसी तरह धूल भरे और उबड़-खाबड़ रास्ते से आवाजाही कर ली जाती है, लेकिन बरसात के मौसम में यह चकरोड दलदल में तब्दील हो जाता है। ऐसे में पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो जाता है और कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार इसी मार्ग से होकर दोपहिया वाहन, साइकिल और पैदल यात्री मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। यदि इस चकरोड का पक्कीकरण या डामरीकरण कर दिया जाए तो गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क सुगम हो जाएगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान आकाश, हरिश्चंद्र, राहुल, दया, फूलझारी, मीरा, सूर्यनाथ यादव सहित गांव के दर्जनों लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में शासन-प्रशासन से मांग की कि गांव के इस महत्वपूर्ण मार्ग का जल्द से जल्द पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को वर्षों से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके।


















