चंदौली में गूँजे दिनकर के विचार, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया विचार साझा
चंदौली : पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) स्थित केंद्रीय विद्यालय के ऑडिटोरियम हाल में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की 117वीं जयंती पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके आगमन पर भाजपा जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के साहित्यिक योगदान और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिनकर केवल एक कवि ही नहीं, बल्कि एक ऐसे चिंतक और राष्ट्रवादी थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं से देश के युवाओं और समाज को सदैव ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने कहा कि दिनकर की कविताएँ स्वतंत्रता संग्राम के समय लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं और आज भी समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने का कार्य करती हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि दिनकर की लेखनी में वीर रस, देशभक्ति और प्रखर राष्ट्रवाद की झलक साफ देखने को मिलती है। वे केवल कवि ही नहीं, बल्कि शिक्षा और साहित्य जगत के मार्गदर्शक भी थे। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे।
इससे पूर्व चंदौली के पूर्व सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने उपमुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर आभार प्रकट किया और राष्ट्रकवि दिनकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इसमें राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, चकिया विधायक कैलाश आचार्य, पीडीडीयू नगर विधायक रमेश जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति से समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें बच्चों ने राष्ट्रकवि दिनकर की कविताओं का पाठ और देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। 117वीं जयंती पर आयोजित यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का अनूठा संगम बनकर सफल रहा, जहाँ दिनकर के विचारों और उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।


















