कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर का सपा पर करारा हमला, बोले – “सनातन धर्म को समझने में अखिलेश को लगेंगी कई पीढ़ियां”

91

कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर का सपा पर करारा हमला, बोले – “सनातन धर्म को समझने में अखिलेश को लगेंगी कई पीढ़ियां”

चंदौली : जिला मुख्यालय स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। मंत्री राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सनातन धर्म की गहराई को समझने के लिए सपा प्रमुख को कई पीढ़ियों तक प्रयास करना पड़ेगा, लेकिन फिर भी वो इसकी आत्मा को नहीं जान पाएंगे।”

राजभर ने कहा कि आज भाजपा सरकार के नेतृत्व में सनातन धर्म न केवल भारत में बल्कि वैश्विक पटल पर गौरव के साथ स्थापित हो रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव के उस बयान पर करारा जवाब दिया जिसमें सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सनातन धर्म छोड़ने की सलाह दी थी यदि वे सपा सरकार के भ्रष्टाचार को साबित न कर पाएं।

सपा शासनकाल पर लगाए गंभीर आरोप

मंत्री ने सपा सरकार के कार्यकाल को ‘भ्रष्टाचार का स्वर्णकाल’ बताते हुए कहा कि जनता भली-भांति जानती है कि सपा के राज में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मुद्दों से भटकाकर सिर्फ मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए बेतुके बयानबाजी करते हैं।

सपा की अंदरूनी कलह को किया उजागर

कानून-व्यवस्था पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राजभर ने कहा कि जब सपा के तीन विधायक कानून-व्यवस्था की तारीफ करने लगे, तो पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों तक सपा एक “कमजोर और दिशाहीन” दल बनकर रह जाएगी।

जातीय विभाजन की राजनीति का आरोप

इटावा की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने अखिलेश यादव पर समाज और धर्म के नाम पर जातियों को बांटने का ‘कुत्सित प्रयास’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सजग है और प्रशासन अपने कार्यों में निष्ठा से लगा हुआ है।

आपातकाल पर कांग्रेस को घेरा

आपातकाल की बरसी के अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “देश का विभाजन नेहरू और जिन्ना की जिद्द का नतीजा था, वहीं इंदिरा गांधी ने सत्ता के अहंकार में संविधान को कुचलते हुए आपातकाल थोप दिया। उस समय जनता के अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया।”

मंच पर दिखा भाजपा का शक्ति प्रदर्शन

इस प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद साधना सिंह, चकिया विधायक कैलाश आचार्य, मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, वरिष्ठ नेता सूर्यमुनी तिवारी, डॉ संजय कुमार और अनिल तिवारी समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

निष्कर्ष

अनिल राजभर की इस प्रेस वार्ता ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आगामी चुनावों को लेकर भाजपा हमलावर मुद्रा में है और विपक्ष के हर आरोप का तीखा जवाब देने को तैयार है। वहीं सपा पर जारी हमलों से स्पष्ट है कि राजनीतिक तापमान अब और चढ़ने वाला है।