बहन की शादी का सपना आँखों में लिए निकला था किशन, नींद की झपकी में टूट गई जीवन की डोर
चंदौली : रविवार की भोर बलुआ थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में जैसे वक्त थम गया। रामजन्म राम के 22 वर्षीय बेटे किशन कुमार की सड़क हादसे में मौत की खबर जैसे पूरे गांव को सुन्न कर गई। बिहार प्रान्त के आरा – जगदीशपुर हाईवे पर सुबह चार बजे किशन की टेलर गाड़ी खड़े टेलर से टकरा गई। कहा जा रहा है, थकान और नींद की झपकी ने उसे हमेशा की नींद सुला दिया। वही सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बहन की शादी और परिवार का उम्मीद था किशन
जानकारी के अनुसार मृतक किशन बिहार प्रान्त के आरा – जगदीशपुर स्थित एक कंपनी में ड्राइवर का काम करता था। घर की माली हालत ठीक नहीं थी। पिता राजमिस्त्री, मां गृहिणी। बड़ी जिम्मेदारियों का बोझ किशन के कंधों पर था। पढ़ाई छोड़ कर कम उम्र में ही गाड़ी चलाना शुरू किया, ताकि परिवार का पेट पल सके, और छोटी बहन मीता की शादी किसी अच्छे घर में कर सके।
हादसे की खबर मिलते ही गांव में मचा कोहराम
पर नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। हादसे की सूचना मिलने पर कंपनी के दूसरे ड्राइवर ने सबसे पहले गांव फोन कर सूचना दी। सूचना पाकर घर में कोहराम मच गया। मां निर्मला देवी की चीखें पूरे गांव में गूंज उठीं। बहन मीता और छोटा भाई सोनू बेसुध हो गए। पूरे गांव में शोक का माहौल हो गया।
बुझ गई एक मां की उम्मीद, बहन का सपना और बाप का सहारा
पोस्टमार्टम के बाद जब किशन का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। शाम को टांडाकला गंगा घाट पर किशन का अंतिम संस्कार किया गया। जलती चिता के साथ एक मां की उम्मीदें, एक बहन के सपने और एक बाप का सहारा राख हो गया। किशन अब नहीं रहा… पर उसकी मेहनत, उसका त्याग और उसके सपने हर दिल में ज़िंदा रहेंगे।


















