नौकरी-मकान का झांसा देकर महिलाओं को बंधक बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

72

नौकरी-मकान का झांसा देकर महिलाओं को बंधक बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

चंदौली : मुगलसराय थाना पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में महिलाओं को नौकरी व मकान दिलाने का झांसा देकर बंधक बनाने, अश्लील वीडियो तैयार कर ब्लैकमेलिंग और धन उगाही करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, फर्जी व कूटरचित पहचान पत्र, बैंक पासबुक-चेकबुक, पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस, एक स्कूटी और एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ डायल-112 और एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से महिलाओं को बंधक बनाकर डराने-धमकाने और वीडियो के नाम पर धन उगाही की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में मुगलसराय के डहिया स्थित एक मकान से गिरोह के संचालन की जानकारी सामने आई।

14 मई की घटना में करीब 30 हजार रुपये फिरौती और 75 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराने का आरोप

मुगलसराय थाने में दर्ज पहली शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उसे रामनगर से डहिया स्थित मकान में ले जाकर बंधक बनाया गया। वहां मारपीट और गलत हरकत के साथ वीडियो बनाया गया तथा उसे वायरल करने की धमकी दी गई। परिजनों से करीब 30 हजार रुपये मंगवाने के अलावा मोबाइल के जरिए लगभग 75 हजार रुपये भी जबरन ट्रांसफर कराए गए।

दूसरी पीड़िता से पांच लाख की फिरौती मांगी

दूसरी शिकायत के मुताबिक 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के बहाने पीड़िता को डहिया स्थित मकान में ले जाया गया। आरोप है कि वहां तीन पुरुषों और एक महिला ने उसे बंधक बनाकर वीडियो बनाया और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। उसके बैंक खाते से फोन-पे के माध्यम से करीब 1.14 लाख रुपये भी ट्रांसफर कराए गए। पीड़िता किसी तरह छतों के रास्ते भागकर बच निकली।

बदला लेने के लिए बनाया गिरोह

पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी ने कथित तौर पर बताया कि वह पहले ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा से जुड़ा था। वर्ष 2023 में धोखाधड़ी होने के बाद उसने एस्कॉर्ट महिलाओं से बदला लेने की योजना बनाई और साथियों के साथ मिलकर गिरोह बनाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाओं को बुलाकर खुद को पुलिस टीम बताकर डराते-धमकाते, उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाते और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर परिजनों से रुपये वसूलते थे।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महिला अंजली गुप्ता खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती थी। उस पर फर्जी पहचान पत्र और बैंक खातों के जरिए धनराशि प्राप्त करने तथा गिरोह के वित्तीय लेनदेन में भूमिका निभाने का आरोप है।

डहिया स्थित मकान में दबिश देकर गिरफ्तारी

थानाध्यक्ष मुगलसराय अर्जुन सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सूरज, साइबर थाना के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला और पुलिस टीम ने सर्विलांस की मदद से 28 अगस्त को डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित मकान पर दबिश दी। मौके से विजय कुमार गुप्ता उर्फ संजय गुप्ता उर्फ रॉकी, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशम्भर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िताओं ने मौके पर आरोपियों की पहचान भी की।

मुगलसराय थाने में दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं की भी बढ़ोतरी की गई है।