चकिया में चकरोड विवाद पर बड़ा एक्शन, ग्राम प्रधान व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश

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चकिया में चकरोड विवाद पर बड़ा एक्शन, ग्राम प्रधान व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश

चंदौली : चकिया तहसील क्षेत्र के उतरौत गांव में सरकारी चकरोड के सीमांकन के बाद लगाए गए खूंटा और पत्थर उखाड़ने तथा राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। तहसीलदार देवेंद्र सिंह यादव ने ग्राम प्रधान कंचन मौर्या, उनके पति महेंद्र कुमार सिंह सहित कई नामजद एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सरकारी कार्य में बाधा का आरोप

तहसीलदार के अनुसार, ग्राम उतरौत स्थित गाटा संख्या 37/422 दर्ज चकरोड का सीमांकन 12 जून को राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कराया था। सीमांकन के बाद स्थापित खूंटा एवं पत्थर ग्राम प्रधान की अभिरक्षा में सौंपे गए थे। इसके बावजूद सीमांकन चिन्हों को उखाड़े जाने तथा सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने की शिकायतें प्राप्त हुईं।

राजनीतिक स्वार्थ में उलझा चकरोड विवाद

प्रशासन का आरोप है कि सीमांकन के बाद चकरोड निर्माण कार्य शुरू कराने के बजाय राजनीतिक स्वार्थ के चलते ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति पैदा की जा रही है। इससे न केवल राजस्व विभाग की कार्रवाई प्रभावित हो रही है, बल्कि सार्वजनिक मार्ग के निर्माण में भी अनावश्यक बाधा उत्पन्न हो रही है। मामले में क्षेत्रीय महिला लेखपाल के सरकारी कार्य में भी व्यवधान डालने की बात सामने आई है।

लेखपाल की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार सीमांकन के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध कर कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया, जबकि बाद में चकरोड पर अस्थायी अतिक्रमण भी कर लिया गया। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से क्षेत्र में तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका है।

तहसीलदार ने कार्रवाई के दिए आदेश

तहसीलदार ने संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिया है कि ग्राम प्रधान कंचन मौर्या, उनके पति महेंद्र कुमार सिंह, संतोष पाठक, केवड़ा देवी, बद्रीविशाल पाठक, गजानंद पाठक, विकास पाठक समेत अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कानूनी एवं निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सरकारी चकरोड को अतिक्रमण मुक्त रखते हुए भविष्य में राजकीय कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न होने देने के निर्देश भी दिए गए हैं।