चंदौली में धान बीज और उर्वरकों की नहीं है कोई कमी, अफवाहों से बचें किसान: जिला कृषि अधिकारी
चंदौली : खरीफ सीजन को देखते हुए जिला कृषि विभाग ने किसानों को राहत भरी जानकारी दी है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि जनपद में धान बीज, कैंचा बीज और सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों की खरीद करें।
किसानों को 50% अनुदान पर बीज कराया जा रहा उपलब्ध
उन्होंने बताया कि जनपद के सभी नौ विकास खंडों के राजकीय कृषि बीज भंडारों पर 1168 क्विंटल धान बीज तथा 722.80 क्विंटल कैंचा बीज उपलब्ध कराया गया है। अब तक पीओएस मशीन के माध्यम से 700 क्विंटल धान बीज और 674 क्विंटल कैंचा बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। किसान ऑनलाइन बुकिंग कर 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज प्राप्त कर सकते हैं।
यूरिया, डीएपी समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण
जिले में उर्वरकों का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वर्तमान में 17237 मीट्रिक टन यूरिया, 5106 मीट्रिक टन डीएपी, 402 मीट्रिक टन एमओपी, 4141 मीट्रिक टन एनपीकेएस और 12607 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। अप्रैल से 8 जून 2026 तक निजी उर्वरक केंद्रों एवं साधन सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को बड़ी मात्रा में उर्वरकों का वितरण भी किया जा चुका है।
संतुलित उर्वरक उपयोग से फसल, मिट्टी और पर्यावरण रहेगा सुरक्षित
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि यूरिया का अत्यधिक प्रयोग फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे धान के पौधों के तने अधिक लंबे और कमजोर हो जाते हैं, जिससे रोग एवं कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अफवाहों से बचकर जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदने की अपील
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे घबराकर अनावश्यक खरीदारी न करें, बल्कि अपने खेत के क्षेत्रफल और कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे खरीफ सीजन में किसानों के लिए बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।


















