स्वामी प्रसाद का सियासी प्रहार, मोदी, योगी और अखिलेश पर साधा निशाना

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स्वामी प्रसाद का सियासी प्रहार, मोदी, योगी और अखिलेश पर साधा निशाना

चंदौली : अपनी जनता पार्टी (अजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को चंदौली दौरे पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुगलसराय के चकिया मोड़ तिराहा पर स्थित पूर्व विधायक गंजी प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट की और सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों पर तीखे हमले बोले।

अखिलेश यादव के PDA पर तीखा प्रहार

पत्रकारों ने जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के सवाल पर मौर्य की प्रतिक्रिया जानी, तो उन्होंने तीखे शब्दों में कहा जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं ही कन्फ्यूज्ड हो, वह प्रदेश को क्या दिशा देगा। अखिलेश यादव कभी ‘P’ का मतलब पिछड़ा बताते हैं, तो कभी पंडित। कभी ‘D’ का मतलब दलित बताते हैं, तो कभी डिंपल यादव। कभी ‘A’ का मतलब आदिवासी बताते हैं, तो कभी अगड़ा। यानी जो स्वयं कन्फ्यूज्ड हो, वह पार्टी और प्रदेश को क्या रास्ता दिखा सकता है? दरअसल समाजवादी पार्टी का PDA कोई फार्मूला नहीं बल्कि सिर्फ PDA धोखा और छलावा है।

एनडीए पर कड़ा बयान, जनता ही सबसे बड़ी ताकत

एनडीए गठबंधन को चुनौती देने के सवाल पर मौर्य ने कहा लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। जब जनता सड़क पर उतरती है तो बड़े-बड़े दिग्गज भी धराशाई हो जाते हैं। एनडीए पहले भी जनता के आक्रोश के आगे कई बार हार चुका है और आने वाले दिनों में भी इसका हश्र अलग नहीं होगा। उन्होंने इशारों-इशारों में यह संकेत दिया कि जनता का मूड बदल रहा है और बीजेपी के खिलाफ असंतोष तेजी से बढ़ रहा है।

रामभद्राचार्य के बयान पर पलटवार

हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा पश्चिमी यूपी को “मिनी पाकिस्तान” कहे जाने पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रामभद्राचार्य ने मोदी और योगी पर सीधा हमला किया है। हिंदू के नाम पर वोट लेकर सत्ता में आई भाजपा की सरकार में अगर यूपी ‘मिनी पाकिस्तान’ बन गया है, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है। सही मायनों में अगर ऐसा है, तो मोदी और योगी को अपनी कुर्सी रामभद्राचार्य जी को सौंप देनी चाहिए।

आगे कहा कि असल में यह बयान पागलपन है। 1100 साल तक मुस्लिम शासक रहे, लेकिन उस दौरान हिंदू कभी खतरे में नहीं पड़े। आज जब हिंदू के बड़े-बड़े नेता प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पद पर बैठे हैं, तो अगर हिंदू खतरे में है तो यह उनकी असफलता है। यह स्थिति बताती है कि भाजपा के अपने लोग ही उन पर उंगली उठा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बधाई देने के सवाल पर मौर्य ने कहा नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, सिर्फ भाजपा के प्रधानमंत्री नहीं है, इसलिए मैं उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। लेकिन साथ ही अपेक्षा करता हूं कि वह अडानी-अंबानी जैसे थैलीशाहों को खुश करने के बजाय जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करें। प्रधानमंत्री को चाहिए कि वह आम जनता के मुद्दों पर काम करें, क्योंकि यही असली जिम्मेदारी है।

चंदौली दौरे का राजनीतिक संदेश

चंदौली में मौर्य का यह दौरा केवल कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके भाषणों और हमलों ने साफ कर दिया कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अजपा विपक्षी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहती है। मौर्य ने भाजपा और सपा दोनों पर एक साथ हमला बोलकर यह संदेश दिया कि उनकी राजनीति सिर्फ सत्ता पक्ष की आलोचना तक सीमित नहीं है। जनता की ताकत को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने संकेत दिया कि उनका अगला एजेंडा जनता को सड़क पर लाना होगा।

रामभद्राचार्य के बयान पर सीधा पलटवार कर उन्होंने यह साबित किया कि वह हिंदुत्व बनाम अल्पसंख्यक के मुद्दे पर भाजपा को बैकफुट पर धकेलना चाहते हैं। कुल मिलाकर चंदौली का यह दौरा बताता है कि स्वामी प्रसाद मौर्य अपने पुराने अंदाज में फिर से आक्रामक राजनीति कर रहे हैं और भविष्य की राजनीति में खुद को मजबूत विकल्प के तौर पर स्थापित करने की कोशिश में जुट गए हैं।