नेवाजगंज पश्चिमी पंप कैनाल की बदहाल व्यवस्था पर फूटा किसानों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

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नेवाजगंज पश्चिमी पंप कैनाल की बदहाल व्यवस्था पर फूटा किसानों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

चंदौली : चकिया ब्लॉक क्षेत्र के नेवाजगंज पश्चिमी पंप कैनाल की बदहाल स्थिति को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसान विकास मंच के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंप कैनाल का स्थलीय निरीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

किसान विकास मंच के संघर्षशील नेता नितेश कुमार गुप्ता ने बताया कि पंप कैनाल के संचालन के लिए 15 मार्च से अब तक नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर वर्ष मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये का बजट आता है, लेकिन धरातल पर कोई प्रभावी कार्य दिखाई नहीं देता।

उन्होंने बताया कि 13 मार्च को आई आंधी में बिजली लाइन पर एक पेड़ गिर गया था, जिसे आज तक वन विभाग या संबंधित विभाग द्वारा नहीं हटाया गया। इस कारण बिजली आपूर्ति लगातार बाधित है और पंप कैनाल पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहा है।

निरीक्षण के दौरान किसान नेताओं ने अधिशासी अभियंता अजय कुमार, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष सिंह सहित अन्य अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन किसी से बातचीत नहीं हो सकी।

किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने इस संबंध में सहायक अभियंता अनिल कुमार यादव से बातचीत की। उन्होंने बताया कि नेवाजगंज पंप कैनाल को लगभग 70 किलोमीटर दूर चंदौली से स्वतंत्र फीडर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है, जो लंबी दूरी होने के कारण आंधी और खराब मौसम में अक्सर बाधित हो जाती है।

वहीं, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता मिथिलेश कुमार ने जानकारी दी कि फिलहाल ग्रामीण विद्युत आपूर्ति से एक पंप को चलाकर सीमित स्तर पर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि चंदौली से नेवाजगंज के बीच बिजली आपूर्ति में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर नियमित बिजली उपलब्ध कराकर नर्सरी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

किसान नेता सरोज कुमार यादव ने कहा कि कृषि कार्यों के प्रति विद्युत विभाग गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि पंप कैनाल की नहर की पटरी भी इतनी मजबूत नहीं है कि एक साथ पांच मोटर पंपों के संचालन का पानी का दबाव सहन कर सके। ऐसे समय में जब धान की नर्सरी डालने का पीक सीजन चल रहा है, किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नेवाजगंज पश्चिमी पंप कैनाल को चंदौली की बजाय चकिया से बिजली आपूर्ति दी जाए, जिससे कम दूरी होने के कारण बिजली व्यवस्था अधिक सुगम और निर्बाध रह सके।

निरीक्षण के बाद किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने बैठक कर निर्णय लिया कि यदि शीघ्र पंप कैनाल चालू नहीं किया गया तो जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जब तक किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस समस्या को लेकर बीते शनिवार तहसील दिवस, चकिया में भी ज्ञापन सौंपा गया था, जहां अधिकारियों ने दो-तीन दिन के भीतर सभी पंप चालू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इस मौके पर नितेश कुमार गुप्ता, पिंटू सिंह, विमलेश सिंह, सरोज कुमार यादव, अशोक मोदनवाल, किशन मोदनवाल सहित किसान विकास मंच के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।