गंगा स्नान के दौरान डूबे किशोर का शव तीन दिन बाद मिला, परिवार में मचा कोहराम
चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के महुआरीखास गांव के रहने वाले 16 वर्षीय किशोर प्रशांत यादव का शव तीन दिन बाद वाराणसी जनपद के चंद्रावती घाट पर मिला। प्रशांत शुक्रवार को अपने दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने गया था, जहां अचानक गहरे पानी में जाने के कारण वह डूब गया। तीन दिनों तक चली खोजबीन के बाद रविवार को उसका शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
होली के बाद स्नान के दौरान हुआ हादसा
महुआरीखास गांव निवासी अनिल यादव का पुत्र प्रशांत यादव चहनियां स्थित एक निजी विद्यालय में कक्षा 9 का छात्र था। होली के दिन शुक्रवार को उसने अपने परिवार और ग्रामीणों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। दोपहर के समय वह अपने चार-पांच दोस्तों के साथ गांव के ही गंगा घाट पर स्नान करने चला गया। स्नान के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते वह गंगा की तेज धारा में समा गया।
तीन दिन तक चली खोजबीन
किशोर के डूबने की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने उसे ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर शनिवार को एनडीआरएफ की टीम ने महुआरीखास, सराय, बलुआ, महुअर, विजयी का पूरा, गनेशपूरा, हरधन, सोनबरसा और टांडा घाट तक गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाया।
रविवार को भी तलाश जारी रही। ग्राम प्रधान सत्येंद्र सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेन्द्र गुप्ता ने अलग-अलग टीम बनाकर नावों से गंगा किनारे खोजबीन की। कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को प्रशांत का शव वाराणसी जनपद के चंद्रावती घाट के किनारे मिला।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शव मिलने की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पिता अनिल यादव, मां मालती देवी, बहन नगीना और भाई आलोक का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लिया
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा गंगा में अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
गांव में शोक की लहर
प्रशांत की मौत से पूरे महुआरीखास गांव में मातम छा गया है। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


















