गंगा स्वच्छता को लेकर बलुआ में जागरूकता अभियान, छात्रों ने निकाली प्रभात फेरी
चंदौली : जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग एवं प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर के निर्देशन में शुक्रवार को बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर नमामि गंगे अभियान के तहत वन विभाग की ओर से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य गंगा नदी में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम और जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के तहत वाल्मीकि इंटर कॉलेज, बलुआ के छात्र-छात्राओं ने गंगा निर्मलीकरण को लेकर प्रभात फेरी निकाली। इसके बाद पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर गोष्ठी आयोजित कर गंगा की स्वच्छता और जलीय जीवों के महत्व पर चर्चा की गई।
गोष्ठी में मुख्य वक्ताओं ने डॉल्फिन और मनुष्य के बीच समानताओं एवं विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉल्फिन और मनुष्य दोनों स्तनधारी जीव हैं। डॉल्फिन पानी में रहने के बावजूद हवा में सांस लेती हैं। वे बेहद बुद्धिमान और सामाजिक जीव हैं तथा अपनी विशेष संवेदी क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा में पाए जाने वाले जलीय जीवों का संरक्षण नदी के पारिस्थितिक संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इनके संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा।
वक्ता प्रमोद सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए गंगा को स्वच्छ रखने और जलीय जीवों की रक्षा करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन वन विभाग के क्षेत्राधिकारी सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में वन विभाग के दरोगा फिरोज गांधी, वनरक्षक जितेंद्र यादव, अभिषेक यादव, विश्वनाथ, विजय लाल, तेजबली पांडेय, राजेश साहनी, जुगनू पासवान, मुहम्मद शकील सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।


















