रक्षाबंधन आज, बहनों को राखी बांधने के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त
चंदौली : भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन आज शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। सावन शुक्ल पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:57 बजे से शुरू होगा। सुबह 9:48 बजे तक पर्व न मना पाने वाले लोग इसके बाद भी शुभ चौघड़िया और अन्य अनुकूल मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकते हैं।
पंचांग के अनुसार आज शतभिषा नक्षत्र, बव करण, अतिगंड योग और कुंभ राशि में चंद्रमा रहेगा। शुक्रवार को पूरे दिन पंचक भी रहेगा। आज पश्चिम दिशा का दिशाशूल बताया गया है।
साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भी आज
आज वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण भी लगेगा। आंशिक चंद्र ग्रहण सुबह 6:55 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में रक्षाबंधन के पर्व और पूजा-पाठ पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा।
स्नान-दान और पितरों के तर्पण का भी विशेष महत्व
सावन पूर्णिमा के अवसर पर आज पवित्र नदियों या जलाशयों में स्नान कर सामर्थ्य के अनुसार सफेद वस्तुओं का दान करने की परंपरा है। पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
वरलक्ष्मी व्रत आज
सावन के अंतिम शुक्रवार को वरलक्ष्मी व्रत भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि वरलक्ष्मी व्रत और पूजन से घर में सुख-समृद्धि आती है तथा धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल में करना विशेष शुभ माना गया है।
आज के प्रमुख मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 4:28 से 5:12 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:56 से दोपहर 12:48 बजे तक
- विजय मुहूर्त : दोपहर 2:31 से 3:22 बजे तक
- अमृत काल : शाम 7:44 से रात 9:23 बजे तक
आज के अशुभ समय
- गुलिक काल : सुबह 7:33 से 9:10 बजे तक
- राहुकाल : सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 बजे तक
- यमगंड : दोपहर 3:35 से शाम 5:11 बजे तक
- दुर्मुहूर्त : सुबह 8:31 से 9:22 बजे तथा दोपहर 12:48 से 1:39 बजे तक
- पंचक : पूरे दिन
- दिशाशूल : पश्चिम
सूर्योदय : सुबह 5:57 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:47 बजे
चंद्रोदय: शाम 6:58 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन पर बहन द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधने और भाई द्वारा उसकी रक्षा का संकल्प लेने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और स्नेह और मजबूत होता है। पर्व को लेकर घरों में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहेगा।


















