नहर में जलकुंभी और घास का कब्जा, खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी, बर्बादी की कगार पर सैकड़ों एकड़ धान की फसल
चंदौली : जिले के चहनियां क्षेत्र में नहर की बदहाली के चलते धान की सिंचाई का संकट गहराने लगा है। भुपौली नहर से निकली छोटी नहर में जलकुंभी और घास की भरमार होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो गया है। इससे किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल प्रभावित होने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, भुपौली नहर से निकली यह छोटी नहर चहनियां क्षेत्र के लोलपुर गांव से होते हुए सराय गांव तक जाती है। क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन होने के बावजूद नहर की नियमित सफाई नहीं होने से इसकी स्थिति खराब हो गई है। नहर में जगह-जगह जलकुंभी और घास उग आई है, जिससे पानी की आवाजाही बाधित हो रही है। परिणामस्वरूप किसानों को अपनी धान की फसल की सिंचाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए समय पर पानी मिलना बेहद जरूरी है। ऐसे में नहर से पानी नहीं मिलने के कारण सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच रही है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द ही सिंचाई की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ग्रामीण किसानों ने बताया कि नहर की सफाई और पानी की आपूर्ति बहाल कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अधिकारियों की कथित उदासीनता से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
किसानों ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि नहर की तत्काल सफाई कराकर पानी का प्रवाह सुचारु किया जाए, ताकि खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सके और उनकी मेहनत से तैयार हो रही धान की फसल को बर्बाद होने से बचाया जा सके।


















