टांडा घाट पर यात्रियों की जान से खिलवाड़! बिना लाइफ जैकेट धड़ल्ले से चल रहीं नावें, प्रशासन से उठी सुरक्षा व्यवस्था की मांग

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टांडा घाट पर यात्रियों की जान से खिलवाड़! बिना लाइफ जैकेट धड़ल्ले से चल रहीं नावें, प्रशासन से उठी सुरक्षा व्यवस्था की मांग

चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध टांडा घाट पर गंगा नदी में यात्रियों की सुरक्षा को दरकिनार कर नावों का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों श्रद्धालु और यात्री नाव के माध्यम से गंगा पार कर वाराणसी के कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अधिकांश नावों पर यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट की कोई व्यवस्था नहीं है।

बीच धारा में हादसे का खतरा!

स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि नाविक बिना किसी सुरक्षा मानक का पालन किए यात्रियों को नाव पर बैठाकर गंगा पार करा रहे हैं। ऐसे में यदि बीच धारा में किसी कारणवश नाव पलट जाए या कोई यात्री नदी में गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। यात्रियों का कहना है कि तैरना जानने वाले व्यक्ति की भी तेज बहाव और गहरे पानी में जान जोखिम में पड़ सकती है, इसलिए हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

हर नाव पर लाइफ जैकेट अनिवार्य हो

यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रत्येक नाव पर यात्रियों की संख्या के अनुरूप अच्छी गुणवत्ता वाली, बिना कटे-फटे लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाए तथा बिना लाइफ जैकेट किसी भी नाव को संचालन की अनुमति न दी जाए। उनका कहना है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी सीधे-सीधे यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है।

जल परिवहन कानून की अनदेखी

गौरतलब है कि जल परिवहन सुरक्षा नियमों के अनुसार प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट अथवा पर्सनल फ्लोटेशन डिवाइस (PFD) उपलब्ध कराना अनिवार्य है। आपातकालीन स्थिति में यही उपकरण यात्रियों की जान बचाने का सबसे प्रभावी साधन होता है। इसके बावजूद टांडा घाट पर नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता दिखाई दे रहा है।

संभावित हादसे को रोकने के लिए कार्रवाई जरूरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर नियमित निरीक्षण, सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता और नियमों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।

एसडीएम ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

इस संबंध में उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए नावों का संचालन कराया जा सके और श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।