मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, चंदौली में गरजा विरोध
चंदौली : भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी चंदौली एवं शहर कांग्रेस कमेटी मुगलसराय के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च निकाला और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लंबे समय से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर रहते हुए निर्वाचन प्रणाली की निष्पक्षता को लेकर जनता के बीच उठ रहे सवालों का स्वतंत्र जांच के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र और व्यापक समीक्षा कराने की मांग की।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं एआईसीसी सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि पिछले दस महीनों में निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा विभिन्न निर्णयों पर 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने तथा निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
हालांकि निर्वाचन आयोग ने इन रिपोर्टों के जवाब में कहा है कि एसआईआर समेत आयोग के निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं और सामने आई आपत्तियां निर्णय प्रक्रिया के दौरान उठाए गए प्रशासनिक सुझावों का हिस्सा थीं।
प्रदर्शन में बृजेश गुप्ता, विजय त्रिपाठी, मधु राय, रामानंद यादव, रजनीकांत पांडेय, तरुण पांडेय, डॉ. मनसा देवी, राजेंद्र गौतम, मुनीर खान, राममूरत गुप्ता, गंगा प्रसाद, शशिनाथ उपाध्याय, सतीश बिंद, तौफीक खान, राकेश सिंह गुड्डू, विवेकानंद पाठक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















