लोना माता मंदिर तोड़े जाने के आरोप पर बसपा ने जताया विरोध, डीएम को सौंपा ज्ञापन, ग्रामीणों को नोटिस देकर डराने का आरोप, कार्रवाई हुई तो आंदोलन की चेतावनी
चंदौली : जिले के मिल्कीपुर-ताहिरपुर स्थित लोना माता मंदिर को तोड़े जाने की कथित तैयारी को लेकर बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर को बचाने और ग्रामीणों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि मंदिर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और इसका विरोध कर रहे ग्रामीणों को तहसील प्रशासन की ओर से नोटिस देकर दबाव बनाया जा रहा है।
बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने कहा कि मिल्कीपुर-ताहिरपुर में संत रविदास की धर्मपत्नी लोना माता से जुड़ा मंदिर स्थित है, जिसे स्थानीय लोग ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि चंदौली के अलावा पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु वाराणसी स्थित रविदास मंदिर में दर्शन के बाद लोना माता मंदिर में भी पहुंचते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई की तैयारी चल रही है, जिसका ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। विरोध के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने तहसील प्रशासन पर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों को लगातार नोटिस दिए जाने का भी आरोप लगाया।
बसपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को पूरे मामले से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों का उत्पीड़न किया गया अथवा मंदिर को तोड़ने का प्रयास हुआ तो बसपा कार्यकर्ता इसके खिलाफ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करती है तथा ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण के पक्ष में है।
इस दौरान सुभाष चंद्र, उमापति, प्रदीप कुमार, अमरेश कुमारी, विनोद प्रधान, संतोष भारती, पंचम राम, संजय प्रधान, अजय भारती, कन्हैया प्रधान, सुजीत कुमार, वीरेंद्र गौतम, कुंज बिहारी, फूलचंद प्रसाद, शैलेश भारती और साजिद अंसारी सहित अन्य मौजूद रहे।


















