अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में गूंजा “ओम्”, सूर्यमुनी तिवारी ने किया योगाभ्यास, दिया प्रेरक संदेश
चंदौली : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल, बबुरी के भव्य प्रांगण में एक अलौकिक और अनुशासित योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रातःकालीन बेला में उगते सूर्य की स्वर्णिम किरणों के सान्निध्य में जब सम्पूर्ण वातावरण ओंकार की दिव्य ध्वनि से गूंज उठा, तब योगाभ्यास करते प्रतिभागियों में एक नई ऊर्जा और आत्मिक जागृति का संचार हुआ।
इस विशेष आयोजन में भाजपा के वरिष्ठ नेता सूर्यमुनी तिवारी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए न केवल ग्रामीण जनों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कार्यकर्ताओं के साथ योगाभ्यास किया, बल्कि “करे योग, रहे निरोग” के मंत्र को आत्मसात कर जनमानस को स्वास्थ्य और संतुलन का प्रेरक संदेश भी दिया।
योगाचार्य सत्यदेव शास्त्री के मार्गदर्शन में उपस्थितजन ताड़ासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, प्राणायाम और ध्यान जैसे विविध योगासनों का अभ्यास कर मानसिक और शारीरिक संतुलन की ओर अग्रसर हुए। कार्यक्रम में योग केवल शारीरिक अभ्यास न रहकर आत्मिक अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की पुनः स्थापना का माध्यम बन गया।
अपने संबोधन में सूर्यमुनी तिवारी ने कहा, “योग भारत की सनातन परंपरा की वह अमूल्य धरोहर है, जिसने आज वैश्विक पटल पर भारत की संस्कृति को गौरव प्रदान किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों से योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है।” उन्होंने युवाओं और ग्रामीण जनों से प्रतिदिन योग को जीवन का अंग बनाने की अपील की, जिससे शरीर, मन और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित हो सके।
कार्यक्रम में भाजपा नेता आनंद सिंह, मंडल अध्यक्ष विवेक सिंह धीरज, शशि प्रकाश गांधी, शिवकुमार मौर्या, रामलखन जायसवाल, हीरालाल मौर्या, अरविंद त्रिपाठी, साधु जायसवाल, विजय केशरी, रेनु तिवारी, किरन चौहान, संतोष सिंह, रविन्द्र नारायण त्रिपाठी, अभिलाषा, रितेश, धनंजय समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।
विद्यालय परिवार द्वारा की गई आकर्षक सजावट, उत्कृष्ट व्यवस्था और अनुशासित संचालन ने कार्यक्रम को न केवल गरिमामयी बनाया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि योग भारतीय चेतना का जीवंत स्वरूप है।
“जहाँ योग है, वहाँ स्वास्थ्य है, संतुलन है और सुख है — यही संदेश इस आयोजन ने समाज के कोने-कोने तक पहुँचाया।”









