नहर में डूबने से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, छह किलोमीटर दूर मिला शव, रोज की तरह सुबह टहलने और व्यायाम करने निकले थे शामू राम, नहर किनारे मिली लाठी व प्लास्टिक की बोतल से हुई अनहोनी की आशंका

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नहर में डूबने से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, छह किलोमीटर दूर मिला शव, रोज की तरह सुबह टहलने और व्यायाम करने निकले थे शामू राम, नहर किनारे मिली लाठी व प्लास्टिक की बोतल से हुई अनहोनी की आशंका

चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के मरकनिया गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब घर से नहर किनारे टहलने निकले 65 वर्षीय बुजुर्ग की नहर में डूबने से मौत हो गई। बुजुर्ग का शव गांव से करीब छह किलोमीटर दूर इटवां गांव के पास नहर में उतराया मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान मरकनिया गांव निवासी शामू राम (65) पुत्र स्वर्गीय मुन्नू राम के रूप में हुई। उनका मकान नहर से महज करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। परिजनों के मुताबिक शामू राम प्रतिदिन की तरह सोमवार की सुबह भी नहर किनारे टहलने और व्यायाम करने के लिए घर से निकले थे। बताया गया कि वह सुबह करीब चार बजे नहर पर बने डिवाइडर के पास नियमित रूप से व्यायाम करते थे।

सुबह जब काफी समय बीतने के बाद भी शामू राम घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। शुरुआत में परिवार के लोगों ने सोचा कि वह रोज की तरह नहर पर टहलने और व्यायाम करने गए होंगे। इसी दौरान मरकनिया बस्ती के सामने नहर किनारे उनकी लाठी और प्लास्टिक की बोतल पड़ी मिली। परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही बलुआ पुलिस सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक अनंत भार्गव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से नहर में बुजुर्ग की तलाश शुरू कराई। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाश में काफी दिक्कतें आईं। ग्रामीणों और पुलिस की सूचना पर भुपौली नहर पंप भी बंद कराया गया, ताकि पानी का बहाव कम किया जा सके और तलाश अभियान को आगे बढ़ाया जा सके।

पानी का बहाव कम होने के बाद नहर में तलाश के दौरान मरकनिया गांव से करीब छह किलोमीटर दूर इटवां गांव के पास शामू राम का शव उतराया हुआ मिला। शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।

मृतक के पुत्र हरिनाथ ने बताया कि उनके पिता की तबीयत कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। इसके बावजूद वह प्रतिदिन सुबह नहर पर टहलने और व्यायाम करने जाते थे। उन्होंने बताया कि पिता शौच के लिए भी अपने साथ प्लास्टिक की बोतल और लाठी लेकर जाते थे। सोमवार की सुबह घर से निकलने के बाद जब वह वापस नहीं लौटे और नहर किनारे उनकी लाठी व बोतल मिली तो परिवार को आशंका हुई।
बताया गया कि शामू राम की पत्नी का करीब दस वर्ष पहले निधन हो चुका है। उनके परिवार में एक पुत्र हरिनाथ और पुत्री आशा हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों के अनुसार नहर में उस समय पानी का बहाव काफी तेज था। आशंका जताई जा रही है कि नहर किनारे टहलने या व्यायाम करने के दौरान किसी तरह संतुलन बिगड़ने से बुजुर्ग पानी में गिर गए होंगे और तेज बहाव के कारण बहते हुए करीब छह किलोमीटर दूर इटवां गांव तक पहुंच गए। हालांकि घटना की वास्तविक वजह क्या रही, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बुजुर्ग की मौत से मरकनिया गांव में मातम पसरा हुआ है। रोजाना नहर किनारे टहलने और व्यायाम करने वाले शामू राम की इस तरह हुई मौत से ग्रामीण भी स्तब्ध हैं।