स्वतंत्रता दिवस पर डॉ. विनय तिवारी का खास संदेश, देश की आजादी के साथ जरूरी है वित्तीय आजादी, समय और निवेश से संवर सकता है भविष्य
चंदौली : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने समाज के नाम अपने संदेश में राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ वित्तीय स्वतंत्रता को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत परिवार ही आने वाली पीढ़ी को बेहतर अवसर और सुरक्षित भविष्य दे सकता है।
डॉ. तिवारी के अनुसार वित्तीय स्वतंत्रता का अर्थ केवल करोड़पति बनना नहीं, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण फैसले लेते समय पैसों की कमी सबसे बड़ी बाधा न बने, यही इसका वास्तविक अर्थ है। बच्चों की शिक्षा, घर, माता-पिता की जिम्मेदारी, बेटी की शादी और सम्मानजनक बुढ़ापे के लिए समय रहते वित्तीय योजना बनाना आवश्यक है।
उन्होंने कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) को निवेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उदाहरण दिया कि यदि ₹10 लाख को औसतन 12 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न की दर से लंबे समय तक निवेशित रखा जाए तो यह राशि करीब 10 वर्ष में ₹31 लाख, 20 वर्ष में ₹96 लाख, 30 वर्ष में लगभग ₹3 करोड़ और 40 वर्ष में करीब ₹9.31 करोड़ तक पहुंच सकती है। 50 वर्ष में यही राशि लगभग ₹28.90 करोड़ हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल उदाहरणात्मक गणना है और वास्तविक निवेश रिटर्न बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।
डॉ. तिवारी ने निवेश के लिए समय को सबसे महत्वपूर्ण कारक बताते हुए कहा कि पैसा जितने लंबे समय तक निवेशित रहता है, कंपाउंडिंग का प्रभाव उतना ही मजबूत होता जाता है। उन्होंने वॉरेन बफेट के उदाहरण के माध्यम से समझाया कि कम उम्र में निवेश शुरू करने और लंबे समय तक निवेशित रहने का लाभ कई दशकों में दिखाई देता है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के साथ उनके भविष्य के लिए नियमित निवेश की आदत विकसित करने की अपील की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि ₹10 हजार प्रतिमाह की SIP 18 वर्षों तक जारी रखी जाए और औसतन 12 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मानें, तो कुल ₹21.60 लाख के निवेश से लगभग ₹75-76 लाख का corpus तैयार हो सकता है। हालांकि वास्तविक रिटर्न निश्चित नहीं होता।
डॉ. तिवारी ने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा पर खर्च कम करना नहीं, बल्कि दिखावे और वास्तविक जरूरत के बीच संतुलन बनाना है। यदि कम उम्र से ही आय का एक हिस्सा भविष्य के लिए निवेश किया जाए तो समय उस धन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि आजादी केवल देश की नहीं, बल्कि परिवार के आर्थिक भविष्य की भी होनी चाहिए। आने वाली पीढ़ी को केवल संपत्ति विरासत में देने के बजाय कमाई, बचत और निवेश की समझ तथा कंपाउंडिंग के लिए पर्याप्त समय देना भी जरूरी है।
स्वतंत्रता दिवस पर अपने संदेश के अंत में डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि वित्तीय रूप से जागरूक समाज ही मजबूत और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण कर सकता है। उन्होंने सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए आर्थिक रूप से जागरूक और सुरक्षित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।


















