आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों का धरना, पदोन्नति और सुविधाओं की उठी आवाज

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आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों का धरना, पदोन्नति और सुविधाओं की उठी आवाज

चंदौली : जिले के लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को चकिया तहसील परिसर में विभिन्न मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान लेखपालों ने संसाधनों के अभाव, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति, अतिरिक्त कार्यभार और अवकाश समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

चकिया तहसील संघ के अध्यक्ष ऋषि सिंह विशेन ने कहा कि लेखपाल लगातार अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि पदोन्नति के संबंध में कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है। शासन स्तर से प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद योग्यता सूची जारी नहीं होने से लेखपालों में नाराजगी है।

तहसील मंत्री धनंजय जायसवाल ने कहा कि लेखपालों पर राजस्व अभिलेखों के रखरखाव, नामांतरण, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कार्यों का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि स्टेशनरी के लिए महज 100 से 500 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है। लेखपालों ने बाइक से क्षेत्रीय भ्रमण के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह भत्ता देने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के बैठने के लिए अलग कक्ष, फर्नीचर, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद पंचायत भवनों में बैठकर कार्य करने का दबाव बनाया जाता है, जिससे सरकारी कार्यों के निष्पादन में कठिनाई होती है।

लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी आठ सूत्री मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संघ आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तैयार करेगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

धरना-प्रदर्शन में प्रीति सिंह, करनैल सिंह जाटव, अमित कुमार सोनकर, राम इकबाल रंजन, मनीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।