चंदौली में रंगदारी और जानलेवा हमले के आरोपितों पर पुलिस का शिकंजा, छह सदस्यों वाले गिरोह का गैंग पंजीकरण

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चंदौली में रंगदारी और जानलेवा हमले के आरोपितों पर पुलिस का शिकंजा, छह सदस्यों वाले गिरोह का गैंग पंजीकरण

चंदौली : जनपद में अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चंदौली पुलिस ने संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थाना चंदौली पुलिस ने जान से मारने की नीयत से हमला करने, मारपीट, तोड़फोड़ और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्तता के आरोपों के मद्देनजर छह सदस्यों वाले गिरोह का गैंग पंजीकरण कराया है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में गिरोह को जनपद स्तर पर नया गैंग नंबर 95 आवंटित किया गया है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उच्चाधिकारियों के निर्देशन में अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी के लिए खुफिया सूचनाएं संकलित की गईं। इसके आधार पर थाना चंदौली पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को चिह्नित करते हुए गैंग पंजीकरण की कार्रवाई पूरी की।

अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह बताया गया गैंग लीडर

पुलिस द्वारा चिह्नित गिरोह में अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह निवासी मझवार, थाना व जिला चंदौली को गैंग लीडर बताया गया है। इसके अलावा शुभम पाण्डेय, रितेश सिंह उर्फ रिशू सिंह, सिद्धार्थ सिंह उर्फ आर्यन सिंह, विक्रान्त सिंह और सौरभ सिंह को गिरोह का सदस्य चिह्नित किया गया है। इनमें कुछ आरोपी मझवार, जबकि अन्य मौहुजी और भोजापुर के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरोह की आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बनने की शिकायतों तथा दर्ज मुकदमों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है। गैंग पंजीकरण का उद्देश्य गिरोह की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

गैंग लीडर पर 10 मुकदमे दर्ज होने का दावा

पुलिस की ओर से जारी विवरण के मुताबिक, गैंग लीडर अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह के खिलाफ कुल 10 अभियोग दर्ज बताए गए हैं। वहीं, शुभम पाण्डेय पर पांच, रितेश सिंह उर्फ रिशू सिंह पर आठ, सिद्धार्थ सिंह उर्फ आर्यन सिंह पर छह, विक्रान्त सिंह पर तीन और सौरभ सिंह पर दो अभियोग दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

प्रेस विज्ञप्ति में दर्ज मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं का उल्लेख किया गया है। इनमें मारपीट, धमकी, जानलेवा हमले, लूट और अन्य गंभीर आरोपों से संबंधित मामले शामिल हैं। हालांकि, मुकदमा दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है।

प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

गैंग पंजीकरण की कार्रवाई थाना चंदौली के प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संगठित अपराध और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के विरुद्ध निगरानी एवं वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण और संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।