25 साल से जलभराव की मार, पलायन को मजबूर सतपोखरी के ग्रामीण, डीएम से लगाई गुहार
चंदौली : नियामताबाद विकासखंड के ग्राम सभा सतपोखरी में पिछले करीब 25 वर्षों से जलभराव और जल निकासी की समस्या से परेशान दर्जनों ग्रामीणों ने शनिवार को समाजसेवी अलिफ रजा के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (ओसी) राजीव मोहन सक्सेना को पत्रक सौंपते हुए जिलाधिकारी से गांव का स्थलीय निरीक्षण कराकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और गंदा पानी लंबे समय तक गलियों तथा घरों के आसपास जमा रहता है। इससे दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है तथा विभिन्न बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने दावा किया कि समस्या से परेशान होकर कई परिवार अपने पुश्तैनी घर छोड़कर अन्य स्थानों पर जाने को मजबूर हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से समस्या के समाधान की मांग की जा रही है। जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर समस्या का जायजा लेते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीण इरशाद अहमद कादरी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को भी कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण ग्रामीणों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है और पलायन की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने डीएम से तत्काल पंपिंग सेट लगाकर पानी निकलवाने, स्थायी जल निकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण कराने, स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराने की मांग की। साथ ही पिछले 25 वर्षों से समस्या के समाधान में हुई कथित लापरवाही की जांच कराने की भी मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेताया कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।


















